सूरजकुंड मेले में छाया हरियाणा अपणा घर, संस्कृति ने जीता दिल

Karuna
2 Min Read
Summer Express - सूरजकुंड मेले में छाया हरियाणा अपणा घर, संस्कृति ने जीता दिल

फरीदाबाद। खूबसूरत अरावली पहाड़ियों की गोद में बसे सूरजकुंड में इन दिनों 39वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला अपनी भव्यता के कारण चर्चा में है। ‘लोकल फॉर ग्लोबल–आत्मनिर्भर भारत’ की थीम पर आयोजित इस मेले में देश-विदेश से आए कलाकारों के बीच हरियाणा की संस्कृति खास पहचान बना रही है।

मेले में स्थापित हरियाणा अपणा घर पवेलियन हरियाणवी लोकसंस्कृति, पारंपरिक वास्तुकला और समृद्ध विरासत का जीवंत चित्र प्रस्तुत कर रहा है। देसी अंदाज़ में सजा यह पवेलियन न केवल पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है, बल्कि ‘स्वदेशी अपनाओ’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश भी प्रभावी ढंग से दे रहा है। मेले में पहुंचने वाले अधिकांश पर्यटक यह कहते नजर आ रहे हैं कि “सूरजकुंड आए और हरियाणा अपणा घर नहीं देखा, तो कुछ नहीं देखा।”

अब तक हस्तशिल्प और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए पहचाना जाने वाला सूरजकुंड मेला, शहरी भागदौड़ से दूर सुकून तलाशने वालों के लिए नई पहचान बनता जा रहा है। इसी कड़ी में हरियाणा अपणा घर पारंपरिक जीवनशैली, आत्मीय आतिथ्य और हरियाणवी संस्कृति की झलक पेश कर रहा है।

पर्यटकों का कहना है कि अपणा घर में कदम रखते ही अपनापन महसूस होता है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना कठिन है। यहां हरियाणा की पहचान मानी जाने वाली पगड़ी विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। पगड़ी बांधने के पंडाल पर पर्यटक उत्साह से पगड़ी बंधवाकर फोटो खिंचवा रहे हैं।

इसके अलावा, सांझी कला, चक्की, ओखल-मूसल जैसे पारंपरिक साधन शहरी पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बने हुए हैं। महिलाएं इन पारंपरिक वस्तुओं के साथ सेल्फी लेकर अपनी यादों को संजो रही हैं। कुल मिलाकर, हरियाणा अपणा घर सूरजकुंड मेले में संस्कृति, परंपरा और गौरव का अनूठा संगम प्रस्तुत कर रहा है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *