चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा के आगामी बजट सत्र की तारीख घोषित होते ही विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार को घेरने की तैयारी तेज कर दी है। विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा तथा पूर्व स्पीकर एवं विधायक अशोक अरोड़ा ने साफ कर दिया है कि बजट सत्र के दौरान किसानों, युवाओं, महिलाओं, कर्मचारियों, व्यापारियों और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार से तीखे सवाल पूछे जाएंगे।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार वित्तीय प्रबंधन में विफल साबित हुई है और लगातार प्रदेश पर कर्ज का बोझ बढ़ाती जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को विधानसभा में यह बताना होगा कि जब टैक्स वसूली बढ़ रही है, तो फिर राज्य पर कर्ज क्यों बढ़ रहा है।
हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र 20 फरवरी से शुरू होगा, जबकि वित्त वर्ष 2026-27 का बजट 27 फरवरी को पेश किए जाने की संभावना है। हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार ने युवाओं, किसानों और महिलाओं के साथ बार-बार वादाखिलाफी की है। उन्होंने महिलाओं को 2100 रुपये मासिक देने के वादे का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने इसे पूरा करने के बजाय महिलाओं को अलग-अलग वर्गों में बांटकर अपमानित किया।
हुड्डा ने किसानों के मुद्दे पर कहा कि सरकार ने यूरिया के बैग का वजन लगातार घटा दिया है। पहले 50 किलो मिलने वाला यूरिया अब 40 किलो और फिर 37 प्रतिशत नाइट्रोजन तथा 17 प्रतिशत सल्फर के नए फार्मूले के साथ दिया जा रहा है, लेकिन कीमत अब भी 254 रुपये ही रखी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को फसल का एमएसपी नहीं मिल रहा और उनकी समस्याओं की सुनवाई नहीं हो रही।
विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा कि प्रदेश में जलभराव, बर्बाद फसलों का मुआवजा, स्कूलों में शिक्षकों की कमी और बिगड़ती कानून व्यवस्था जैसे मुद्दे भी कांग्रेस प्रमुखता से उठाएगी। उन्होंने कहा कि अपराध बढ़ रहे हैं और संगठित गिरोहों पर सरकार की पकड़ कमजोर होती जा रही है।
अरोड़ा ने भाजपा की आंतरिक गुटबाजी पर भी तंज कसते हुए कहा कि भाजपा नेताओं के बीच मतभेद अब खुलकर सामने आ रहे हैं। कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि इस बजट सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर बड़ा टकराव देखने को मिलेगा।