चंडीगढ़। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के विमान हादसे में निधन के बाद हरियाणा सरकार ने अपने वीआईपी विमान और हेलिकॉप्टरों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। प्रदेश सरकार अब अपने विमान-हेलिकॉप्टर बेड़े को आधुनिक तकनीक से अपग्रेड करने और सुरक्षा मानकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप बनाने की तैयारी में जुट गई है।
इसी क्रम में हरियाणा नागरिक उड्डयन विभाग ने अपडेटेड तकनीकी मैनुअल तैयार कराने के लिए कंपनियों से टेंडर मांगे हैं। विभाग ऐसी अनुभवी कंपनियों को प्राथमिकता देगा, जिन्होंने भारत में एयर ऑपरेटरों को पहले भी सेवाएं दी हों और जिन्हें DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) व BCAS (नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो) से मैनुअल अप्रूवल का अनुभव हो।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश के विमानों के संचालन, सुरक्षा और रखरखाव से जुड़े सभी नियम नवीनतम दिशानिर्देशों के अनुरूप हों। विभाग ने बताया कि सरकार अपने विमानों VT-HRY, VT-HYR और VT-HCA के लिए परफॉर्मेंस बेस्ड नेविगेशन (PBN) जैसी आधुनिक नेविगेशन प्रणाली लगाने की योजना पर काम कर रही है। इससे खराब मौसम और कम विजिबिलिटी के दौरान भी विमानों की सुरक्षित लैंडिंग संभव हो सकेगी।
इसके अलावा सरकार ने ऑपरेशन मैनुअल, फ्लाइट सेफ्टी मैनुअल और सिक्योरिटी मैनुअल को भी नए सुरक्षा मानकों के अनुसार पूरी तरह अपडेट करने का फैसला लिया है।
साथ ही, विमानों के रखरखाव और निगरानी के लिए विशेषज्ञ एजेंसियों की नियुक्ति की जाएगी, जो न केवल तकनीकी दस्तावेज तैयार करेंगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेंगी कि हर पुर्जा और सुरक्षा प्रक्रिया उच्चतम मानकों के अनुरूप हो।
इस योजना में सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम (SMS) लागू करने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि संभावित तकनीकी खतरे पहले ही पहचानकर रोके जा सकें। हरियाणा सरकार का यह कदम भविष्य में किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव के लिए अहम माना जा रहा है।