शिमला, संजू-:राज्य सचिवालय शिमला में आयोजित विधायक प्राथमिकता बैठक के पहले दिन ऊना, हमीरपुर और सिरमौर जिलों के विधायकों ने पहले चरण में भाग लिया। बैठक के बाद ऊना से भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भ्रष्टाचार और वित्तीय कुप्रबंधन के कारण हिमाचल प्रदेश गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में विकास कार्य पूरी तरह ठप हो चुके हैं।
सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि सरकार की नीतियों के चलते विधायकों की प्राथमिकता वाले कार्यों की डीपीआर सही तरीके से नहीं बनाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहली बार विधायक क्षेत्र विकास निधि को भी बंद कर दिया गया है और बीते एक साल में केवल दो किस्तें ही जारी की गई हैं। इसके अलावा विधायक ऐच्छिक निधि भी नहीं दी जा रही, जिससे जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रों में कोई काम नहीं कर पा रहे हैं।भाजपा विधायक ने कहा कि सरकार के पास हर मुद्दे पर पैसों की कमी का स्थायी बहाना है। भुगतान न होने के कारण ठेकेदारों ने कई तैयार भवनों को सरकार को सौंपने से इनकार कर दिया है, जिससे विकास परियोजनाएं अधर में लटकी हुई हैं। सत्ती ने दावा किया कि बैठक में कांग्रेस के कुछ विधायकों ने भी विकास कार्य न हो पाने की समस्या को स्वीकार किया है।उन्होंने कहा कि विपक्ष के विधायकों की लगातार अनदेखी की जा रही है और सरकार का ध्यान सिर्फ घोषणाओं तक सीमित रह गया है। सतपाल सत्ती ने स्पष्ट किया कि बैठक के दौरान उन्होंने इन सभी मुद्दों को मजबूती से उठाया है और सरकार से जवाब मांगा है।