नूंह। हरियाणा के नूंह जिले के झारपूरी गांव में साइबर ठगी के एक मामले में पुलिस की कार्रवाई के दौरान बड़ा घटनाक्रम सामने आया। साइबर अपराध के आरोपी परवेज अहमद ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अचानक छत से छलांग लगा दी, जिससे उसके दोनों पैरों में गंभीर चोटें आईं और फ्रैक्चर हो गया। घायल हालत में पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है।
जानकारी के अनुसार, साइबर ठगी से जुड़े एक दर्ज मुकदमे में आरोपी परवेज अहमद पुत्र शौकत अली को पकड़ने के लिए पुलिस टीम झारपूरी गांव पहुंची थी। जैसे ही पुलिस ने उसे पकड़ने की कोशिश की, आरोपी घबराकर छत पर चढ़ गया और वहां से नीचे कूद गया। गिरने से उसके दोनों पैरों में गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद पुलिस ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी को फिलहाल नलहड़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज पुलिस निगरानी में चल रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के ठीक होने के बाद उससे पूछताछ कर साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जाएगी।
जांच में सामने आया है कि परवेज अहमद साइबर ठगों को फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने इस केस में पहले से गिरफ्तार आरोपी हुसैन से फर्जी बैंक खाता लिया था, जिसमें साइबर ठगी से ठगे गए पैसे ट्रांसफर कराए जाते थे। इसके बदले परवेज अहमद को मोटा कमीशन मिलता था और वह पैसे निकालकर नकद में आगे पहुंचाता था।
पुलिस का मानना है कि यह तरीका मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर फ्रॉड के पैसों को सफेद करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। यह मामला पिछले साल दिसंबर में दर्ज किया गया था, जब पुलिस ने झारपूरी गांव के ही रहने वाले फखरुद्दीन को साइबर ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया था। तभी से पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।
फिलहाल पुलिस आरोपी परवेज अहमद की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है और इस साइबर ठगी गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने के लिए कार्रवाई तेज कर दी गई है।