पानीपत। पूर्व सैनिक पॉलीक्लिनिक से मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर करने के संगठित रैकेट का सीबीआई ने पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी डॉ. नवीत कुमार पिछले करीब डेढ़ साल से जिले और आसपास के निजी अस्पतालों के साथ मिलकर अवैध मरीज रेफरल का नेटवर्क चला रहा था।
सीबीआई की पूछताछ और छापेमारी के दौरान आरोपी के पास से एक डायरी बरामद हुई है, जिसमें मरीजों की सूची, किस अस्पताल में कितने मरीज भेजे गए और भुगतान हुआ या बकाया रहा—इसका पूरा रिकॉर्ड दर्ज था। डायरी में जिले के पांच निजी अस्पतालों के नाम सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की अब जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, डॉ. नवीत हर निजी अस्पताल से प्रति माह करीब 100 मरीज भेजने के बदले साढ़े तीन लाख रुपये वसूलता था। कुछ अस्पतालों से इससे अधिक रकम भी ली जाती थी। छापेमारी के दौरान सीबीआई ने आरोपी की करीब 4.25 करोड़ रुपये की संपत्ति और लगभग 30 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के गहने जब्त किए हैं।
जांच एजेंसी इन संपत्तियों के स्रोतों की भी गहन पड़ताल कर रही है। पता चला है कि आरोपी ने दुबई में एक कंपनी बना रखी है। सीबीआई अब उस कंपनी के बैंक खातों, लेनदेन और दस्तावेजों की जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि मरीज रेफरल से कमाई गई रकम का हिस्सा विदेशी खातों में भी भेजा गया हो सकता है।
इस मामले की शुरुआत चार महीने पहले हुई थी, जब एक निजी अस्पताल संचालक ने सीबीआई मुख्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद सीबीआई की टीम ने पानीपत में कई बार निगरानी की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
सीबीआई की छह टीमों ने एक साथ कार्रवाई करते हुए आरोपी को सोनीपत के एक ढाबे पर ढाई लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके साथ ही उसके घर, पॉलीक्लिनिक और अन्य ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई, जो देर रात तक चली। सीबीआई की जांच जारी है और इस रेफरल रैकेट से जुड़े अन्य नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।