शिमला, संजू-:केंद्र सरकार के बजट के बाद हिमाचल प्रदेश की आर्थिक सेहत को लेकर चिंताएं और गहरी हो गई हैं। आरडीजी (RDG) व्यवस्था के बंद होने से प्रदेश पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है, वहीं इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। आरोप-प्रत्यारोप के इस दौर के बीच प्रदेश सरकार अब समाधान की दिशा में कदम बढ़ाने की बात कर रही है। इसी कड़ी में रविवार को वित्त विभाग द्वारा एक विस्तृत प्रेजेंटेशन के जरिए आने वाले समय में RDG के कारण पैदा होने वाली आर्थिक चुनौतियों की जानकारी दी गई।
इस पूरे मामले पर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग मंत्री राजेश धर्माणी ने आरडीजी बंद होने को प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर “सर्जिकल स्ट्राइक” करार दिया है। यह बयान उन्होंने शिमला में हिमुडा की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में दिया। साथ ही बैठक में कई अहम फैसले भी लिए गए, जिनका सीधा लाभ खिलाड़ियों और वीरता पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को मिलेगा।
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग मंत्री राजेश धर्माणी ने आरडीजी मुद्दे पर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि इस विषय पर हो रही राजनीति से प्रदेश को कोई राहत नहीं मिलने वाली। उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा अचानक आरडीजी बंद किया जाना हिमाचल की अर्थव्यवस्था पर “सर्जिकल स्ट्राइक” जैसा है। धर्माणी ने स्पष्ट किया कि राज्य को अपनी आर्थिक क्षमता मजबूत करने के लिए समय दिया जाना चाहिए था, लेकिन बिना किसी तैयारी के लिए गए इस फैसले ने प्रदेश को वित्तीय दबाव में डाल दिया है।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने हमेशा वित्तीय अनुशासन का पालन किया है और समय पर कर्ज लौटाने की जिम्मेदारी निभाई है। इसके बावजूद केंद्र का यह फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। धर्माणी ने आरोप लगाया कि भाजपा अपने पिछले कार्यकाल के दौरान हुए वित्तीय कुप्रबंधन से ध्यान हटाने के लिए अब आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रही है।
राजेश धर्माणी ने कहा कि अब समय आ गया है जब सभी स्टेकहोल्डर्स को एक मंच पर आकर प्रदेश के हित में सोचने की जरूरत है। केवल बयानबाजी से हालात नहीं सुधरेंगे, बल्कि सामूहिक प्रयासों से ही समाधान निकल सकता है। मुख्यमंत्री द्वारा कर्मचारी यूनियनों से संवाद शुरू करना भी इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने साफ किया कि ओपीएस से यूपीएस में जाने जैसे किसी भी फैसले पर सभी वर्गों की राय ली जाएगी, जबकि एनपीएस को कर्मचारियों के हितों के अनुकूल नहीं बताया।इसी दौरान शिमला में हिमुडा की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक भी आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी ने की। बैठक में कई विकासात्मक निर्णय लिए गए। इनमें सबसे अहम फैसला यह रहा कि ओलंपिक विजेताओं और राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को बिना ऑक्शन के प्लॉट या फ्लैट आवंटित किए जाएंगे।
इसके अलावा हिमुडा ने ज्वालाजी में नई कॉलोनी के निर्माण को मंजूरी दी है, जहां करीब 130 आवासीय प्रोजेक्ट विकसित किए जाएंगे। घुमारवीं में नया कॉम्प्लेक्स बनाने का भी निर्णय लिया गया। जाठिया देवी में बड़े स्तर पर टाउनशिप निर्माण को मंजूरी देते हुए 1327 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
वहीं “हिम चंडीगढ़” परियोजना के लिए 3435 बीघा भूमि ट्रांसफर होने की जानकारी भी दी गई। यह परियोजना दो से तीन बड़े चरणों में विकसित की जाएगी, जिससे प्रदेश में रोजगार और बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।