शिमला, संजू-: रेहड़ी फड़ी और तयबजारी यूनियन से जुड़े सीटू ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के कुलपति कार्यालय के बाहर तहबाजारियों को उजाड़ने के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। लगभग ग्यारह बजे सीटू कार्यकर्ता समरहिल चौक पर इकट्ठा हुए और रैली के रूप में कुलपति कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन करीब दो घंटे तक जारी रहा, जिसमें सैकड़ों तहबाजारी शामिल हुए।
प्रदर्शन के बाद यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल कुलपति महावीर सिंह से मिला और उजाड़े गए तहबाजारियों को पुनः बसाने की मांग की। कुलपति ने आश्वासन दिया कि प्रीफैब्रिकेटेड दुकानें बनाकर प्राथमिकता के आधार पर तहबाजारियों को आवंटित किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, जिला सचिव विवेक कश्यप, रामप्रकाश, दलीप सिंह, प्रताप चौहान, पवन कुमार, अमित कुमार और तुलसी राम शामिल थे।कुलपति कार्यालय पर हुए प्रदर्शन को विजेंद्र मेहरा, विवेक कश्यप, प्रताप चौहान, दलीप सिंह, वीरेंद्र लाल, सीताराम, पंकज शर्मा, महक सिंह, उजागर सिंह, सन्नी सिकटा, पवन कुमार, आशीष कुमार और अमन कुमार ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 और वर्ष 2007 में सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार बनी स्ट्रीट वेंडर्स पॉलिसी को लागू करवाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।उन्हें आरोप है कि शिमला के समरहिल स्थित विश्वविद्यालय परिसर से तहबाजारियों को गैरकानूनी तरीके से हटाया जा रहा है, उन्हें दूसरी जगह बसाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई। यह स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 का उल्लंघन है। उन्होंने मांग की कि तहबाजारियों को तंग करना बंद किया जाए और स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट को पूरी तरह लागू किया जाए।
साथ ही, प्रतिनिधिमंडल ने चेताया कि अगर तहबाजारियों की बेदखली तुरंत बंद नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 के तहत व्यापार और जीवन के अधिकार का लगातार हनन किया जा रहा है।