बिलासपुर, 10 फरवरी -:हिमाचल प्रदेश के लोगों को अब बिलासपुर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में आधुनिक और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। अस्पताल में नई एडवांस फेकोमल्सीफिकेशन मशीन लगाई गई है, जिससे आंखों के ऑपरेशन पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और सटीक तरीके से किए जा सकेंगे।
न्यूनतम जोखिम, अधिक सुरक्षा
यह अत्याधुनिक मशीन पारंपरिक फेको मशीनों की तुलना में बेहतर नियंत्रण और सटीकता प्रदान करती है। ऑपरेशन के दौरान आंख के नाजुक हिस्सों को नुकसान पहुँचने का खतरा न्यूनतम हो जाता है। मोतियाबिंद के मरीज अब उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवा का लाभ उठा पाएंगे।
तेज़ रिकवरी, कम अस्पताल में समय
नई मशीन से ऑपरेशन के बाद मरीजों की रिकवरी जल्दी होती है और उन्हें लंबे समय तक अस्पताल में रुकने की जरूरत नहीं पड़ती। यह तकनीक आंखों के भीतर दबाव को स्थिर रखती है, जिससे ऑपरेशन के दौरान संभावित जटिलताओं की संभावना कम हो जाती है।
बिना टांके के सुरक्षित प्रक्रिया
एडवांस मशीन की मदद से सर्जन बेहद छोटे छेद के माध्यम से ऑपरेशन कर सकते हैं, जिससे टांके लगाने की आवश्यकता नहीं रहती। इसके अलावा, यह मशीन जटिल और सख्त मोतियाबिंद को भी सुरक्षित और प्रभावी ढंग से हटाने में सक्षम है।एम्स बिलासपुर में यह आधुनिक सुविधा मरीजों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है और हिमाचल प्रदेश में आंखों के उपचार को एक नया मुकाम देगी।