सोनीपत। जाट जोशी गांव में बनने वाला नया बस अड्डा केवल एक इमारत नहीं होगा, बल्कि इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस ट्रांजिट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। रोडवेज विभाग ने पुराने बस अड्डे पर अवैध पार्किंग और ई-रिक्शा से हो रही परेशानियों को देखते हुए नई योजना में अंडरग्राउंड पार्किंग का प्रस्ताव तैयार किया है।
रोडवेज प्रशासन ने अंडरग्राउंड पार्किंग को लेकर मुख्यालय को औपचारिक प्रस्ताव भेजा है। योजना के तहत यात्रियों के निजी वाहनों और स्टाफ की गाड़ियों के लिए भूमिगत पार्किंग बनाई जाएगी, ताकि ऊपरी हिस्से में केवल बसों की आवाजाही सुचारू रूप से हो सके। मुख्यालय से मंजूरी मिलने पर इसे निर्माण नक्शे में शामिल कर लिया जाएगा।
मौजूदा बस अड्डे की सबसे बड़ी समस्या मुख्य द्वार पर अवैध कब्जा और ई-रिक्शा का जमावड़ा है। निकासी गेट के सामने वाहनों की भीड़ के कारण बसों को निकालना मुश्किल हो जाता है और कई बार देवीलाल चौक तक जाम की स्थिति बन जाती है। नए बस अड्डे में इस समस्या से राहत दिलाने की तैयारी है।
यह नया बस अड्डा जाट जोशी गांव में करीब 9.5 एकड़ भूमि पर बनेगा। रोडवेज विभाग ने इसके लिए नगर निगम को लगभग 17 करोड़ रुपये का भुगतान कर जमीन अधिग्रहित की है। जीटी रोड के पास बनने के कारण दिल्ली, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा।
नया बस अड्डा शुरू होने के बाद पुराने बस अड्डे को बंद नहीं किया जाएगा। इसे सिटी बस सेंटर में बदला जाएगा, जहां से सोनीपत से दिल्ली बॉर्डर के बीच चलने वाली 50 ई-बसों का संचालन किया जाएगा। कार्यशाला शिफ्ट होने के बाद यहां ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की भी योजना है।
रोडवेज जीएम संजय कुमार ने बताया कि मौजूदा बस अड्डे पर अतिक्रमण हटाने के लिए अलग से कर्मचारियों की ड्यूटी लगानी पड़ती है। इसी वजह से नए बस अड्डे में अंडरग्राउंड पार्किंग का सुझाव भेजा गया है, जिससे यह परियोजना अधिक व्यवस्थित और आधुनिक बन सके।