हिसार। फरवरी के मध्य एक बार फिर मौसम करवट लेने को तैयार है। 9 फरवरी को सक्रिय हुए कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से फिलहाल आसमान में आंशिक बादल छाए हुए हैं, लेकिन मैदानी इलाकों में बारिश के कोई आसार नहीं बन रहे। इस सिस्टम के चलते मौसम में हल्का उतार-चढ़ाव बना हुआ है और आने वाले दिनों में तापमान, बादल और कोहरे का असर देखने को मिलेगा। मौसम 16 फरवरी तक शुष्क रहने की संभावना है।
मौसम पूर्वानुमान मानचित्रों के विश्लेषण के अनुसार फरवरी के दूसरे पखवाड़े में 17 फरवरी के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में सक्रिय होगा। इसके चलते पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और बारिश हो सकती है, वहीं हरियाणा, दिल्ली और एनसीआर समेत उत्तरी मैदानी राज्यों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।
भारतीय मौसम विभाग के सब-सेंटर राजकीय महाविद्यालय नारनौल के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन के मुताबिक 16 फरवरी तक हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में मौसम सामान्यतः शुष्क रहेगा और इस दौरान किसी भी प्रकार की बारिश की संभावना नहीं है। कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 9 और 10 फरवरी को ही हल्की आंशिक बादलवाही रहेगी, इसके बाद आसमान साफ होने लगेगा।
इस अवधि में तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी, जिससे दिन और रात दोनों समय हल्की गर्माहट महसूस होगी। हालांकि 17 फरवरी के बाद मौसम में फिर बदलाव आएगा और तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है।
प्रदेश में फिर होगा पश्चिमी विक्षोभ का असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 16 या 17 फरवरी के आसपास एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में दोबारा बारिश और बर्फबारी हो सकती है। वहीं हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में आंशिक बादल छाए रहने के साथ कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई जा रही है, हालांकि इसमें अभी बदलाव संभव है।
कुल मिलाकर, 16 फरवरी तक तापमान में बढ़ोतरी के बाद 17 से मौसम में ठंडक लौटने के संकेत हैं। पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में बादलों की आवाजाही से प्रदेश के मौसम में फिर हलचल देखने को मिलेगी।