मंडी, धर्मवीर-:छोटी काशी मंडी में 16 फरवरी से शुरू होने जा रहे सात दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में इस बार काफी कुछ नया देखने को मिलने वाला है। इसमें सबसे खास होगा देवी-देवताओं के बैठने की व्यवस्था। मंडी जिला प्रशासन ने देवता समिति के साथ मिलकर सभी पंजीकृत 216 देवी-देवताओं के बैठने के लिए पहली बार पगोडा शैली में अस्थायी शिविरों को बनाने का निर्णय लिया है। इस दिशा में पड्डल मैदान में कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
बता दें कि इस तरह की व्यवस्था कुल्लू के अंतर्राष्ट्रीय दशहरा उत्सव में देखने को मिलती है जहां देवताओं के अस्थायी शिविर बनते हैं। उसी तर्ज पर इस बार मंडी में भी देवी-देवताओं के अस्थायी शिविरों का निर्माण किया जा रहा है। डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि इसे देव भ्रमण श्रृंखला का नाम दिया गया है। हालांकि देव भ्रमण श्रृंखला गत वर्ष भी थी लेकिन इस वर्ष इसे और बेहतरीन बनाते हुए पगोडा शैली में सुंदर अस्थायी शिविरों का निर्माण किया जा रहा है। यह एक पूरा ट्रैक होगा जो पड्डल मैदान में चारों ओर बनाया जा रहा है। लोग इस ट्रैक पर चलकर देवी-देवताओं के दर्शन करके उनका आशीवार्द प्राप्त कर सकते हैं। डीसी मंडी ने कहा कि यह महोत्सव देव समागम है इसलिए देवी-देवताओं के लिए बेहतरीन व्यवस्था करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं.बता दें कि इससे पहले देवी-देवता कभी कॉलेज के प्रांगण में तो कभी पड्डल मैदान में खुले आसमान के नीचे ही बैठते थे। लेकिन इस बार से देवताओं के बैठने की सुंदर व्यवस्था से महोत्सव के आकर्षण में चार चांद लगने जा रहे हैं।