सिरसा।सिरसा जिले के नाथूसरी चोपटा क्षेत्र में गांव माखोसरानी के पास बड़ा हादसा होते-होते टल गया। नोहर फीडर नहर में एक कार अनियंत्रित होकर गिर गई, जिसमें तीन महिलाओं और दो बच्चों समेत कुल छह लोग सवार थे। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद ग्रामीणों और एक डॉक्टर की तत्परता से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार फतेहाबाद जिले के हिंजरावा गांव निवासी लोग कैरावाली से नाथूसरी चोपटा की ओर कार से जा रहे थे। जैसे ही वाहन माखोसरानी गांव के पास पहुंचा, संतुलन बिगड़ने से कार नोहर फीडर नहर में जा गिरी। कार के नहर में गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कार सवारों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े।
इसी दौरान बाइक से गुजर रहे डॉक्टर राजेश कुमार सिद्धू ने घटना देखी। महिलाओं और बच्चों को डूबता देख उन्होंने तुरंत शोर मचाकर ग्रामीणों को मदद के लिए बुलाया। आवाज सुनते ही ग्रामीण रमेश कुमार भाकर, प्रमोद कासनिया और प्रदीप कासनिया मौके पर पहुंचे और साहस दिखाते हुए नहर में उतरकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
कार में सवार लोगों की पहचान 58 वर्षीय मक्खन सिंह पुत्र गंगाराम निवासी हिंजरावा खुर्द (फतेहाबाद), चार वर्षीय अवेक कुमार पुत्र भजन लाल, दो वर्षीय आर्यन पुत्र भजन लाल, 60 वर्षीय तारो पत्नी सरदारना राम, 62 वर्षीय जीतो बाई पत्नी मक्खन लाल और 24 वर्षीय सुनीता पत्नी भजन लाल के रूप में हुई है। सभी को सुरक्षित पानी से बाहर निकालने के बाद एंबुलेंस के जरिए नाथूसरी चोपटा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार हादसा सुबह करीब 7:30 बजे हुआ। उनका कहना है कि डॉक्टर राजेश सिद्धू की सतर्कता और साहसिक प्रयासों से छह जिंदगियां बच सकीं। घटना की सूचना डायल 112 पर दी गई, जिसके बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची।
डॉक्टर राजेश सिद्धू ने कहा कि उस समय उन्हें लगा जैसे भगवान ने ही उन्हें इन जिंदगियों को बचाने के लिए वहां भेजा हो। उन्होंने बताया कि घटना देखते ही उन्होंने बिना देर किए ग्रामीणों को आवाज दी, जिससे समय रहते सभी को सुरक्षित बचा लिया गया।