पलवल,16 फरवरी -:पलवल जिला लघु सचिवालय के सभागार में हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने ग्रीवेंस कमेटी की बैठक की। बैठक में कुल 14 शिकायतें प्रस्तुत की गईं, जिनमें से 9 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि 5 मामलों को लंबित रखते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान मंत्री ने पलवल जिले के गांव छांयसा में हाल के दिनों में हुई मौतों के मामले पर गंभीरता जताई। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है और विशेष रूप से झोलाछाप डॉक्टरों की गतिविधियों की जांच करवाई जा रही है।मंत्री के अनुसार, हेपेटाइटिस जैसी बीमारी संक्रमित इंजेक्शन के माध्यम से तेजी से फैल सकती है, इसलिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कहीं किसी अनधिकृत व्यक्ति द्वारा गलत उपचार तो नहीं किया गया।
स्वास्थ्य मंत्री ने केंद्रीय बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए किए गए प्रावधानों को सराहनीय बताते हुए कहा कि इससे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पलवल ही नहीं, बल्कि पूरे हरियाणा प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी एक चुनौती बनी हुई है, जिसे दूर करने के लिए सरकार प्रयासरत है।बैठक के बाद पत्रकारों द्वारा उनके पिता और केंद्रीय मंत्री राव इंदरजीत सिंह तथा हरियाणा के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के बीच चल रहे आरोप-प्रत्यारोप को लेकर सवाल पूछे गए, लेकिन मंत्री ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।