झज्जर। रिश्तों को कलंकित कर देने वाली एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। सिलानी केसो गांव निवासी 19 वर्षीय यशु चाहर की उसके ही सगे रिश्तेदार मामा के बेटे इंदरसेन ने बेहद निर्ममता से हत्या कर दी। आरोपी पेशे से शिक्षक बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, इंदरसेन ने पहले यशु का अपहरण किया, फिर उसे सात दिनों तक नशे की गोलियां देकर बंधक बनाए रखा और आखिर में रोहतक ले जाकर पजामे के नाड़े से गला घोंटकर मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने 2 दिन तक यशु को चरखी दादरी के बिगोवा गांव स्थित एक स्कूल के कमरे में बंद रखा, जहां उसे नशे की दवा दी जाती रही। इसके बाद वह उसे अपनी वैगनआर कार में ही छिपाकर रखता और गाड़ी में ही सुलाता रहा। 5 जनवरी को आरोपी ने यशु को रोहतक के सुनसान इलाके में ले जाकर हत्या कर दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने एसीपी प्रदीप नैन के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया है। इसमें सीआईए प्रभारी कर्मबीर और स्पेशल स्टाफ प्रभारी राजेश कुमार को शामिल किया गया है। पुलिस ने आरोपी इंदरसेन को गिरफ्तार कर लिया है और वारदात में इस्तेमाल वैगनआर कार भी बरामद कर ली गई है।
सीआईए प्रभारी के अनुसार आरोपी ने शव को छिपाने के लिए पहले से ही आईएमटी रोहतक क्षेत्र में गड्ढा खोद रखा था। शव दफनाने के बाद बारिश होने से ठंड के कारण शव खराब नहीं हुआ और फ्रीज हो गया, जिससे पहचान में मदद मिली।
यशु झज्जर के नेहरू कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष का छात्र था और सेना में भर्ती होने का सपना देख रहा था। उसके पिता भी भारतीय सेना में थे, जिनका वर्षों पहले निधन हो चुका है। परिवार में मां और बड़ा भाई है, जो सेना में कार्यरत है।
परिजनों ने पोस्टमार्टम को लेकर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद पुलिस ने करीब चार घंटे समझाने के बाद प्रक्रिया पूरी करवाई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया और गांव में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी बीच-बीच में घर आकर सांत्वना देने का नाटक भी करता रहा। अब एसआईटी आरोपी से पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की परतें खंगाली जा रही हैं।