Facebook-f Youtube X-twitter

अफगानिस्तान में तालिबान ने लागू की नई दंड संहिता, महिलाओं के अधिकारों पर बड़ा हमला

काबुल | अफगानिस्तान में तालिबान के सर्वोच्च नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा ने 90 पन्नों की नई ‘दंड संहिता कानून’ पर हस्ताक्षर कर देश और दुनिया को चौंका दिया है। इस कानून ने महिलाओं के अधिकारों और न्याय व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

नई दंड संहिता के अनुसार, पतियों को “अनुशासन” के नाम पर अपनी पत्नी और बच्चों को शारीरिक दंड देने की अनुमति दी गई है, बशर्ते चोट इतनी गंभीर न हो कि हड्डी टूटे या गहरी चोट लगे। इस कानून के लागू होने के साथ ही वर्ष 2009 में महिलाओं के खिलाफ हिंसा उन्मूलन कानून को समाप्त कर दिया गया है, जो पूर्व सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय समर्थन के साथ लागू किया गया था।

कानून में यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि पति द्वारा दिया गया दंड गंभीर चोट या हड्डी टूटने का कारण बनता है, तो अधिकतम 15 दिन की सजा दी जा सकती है, लेकिन इसके लिए महिला को अदालत में हिंसा साबित करनी होगी। इसके दौरान महिला को पूरी तरह ढंका होना चाहिए और अपने घाव न्यायाधीश को दिखाने होंगे, साथ ही उसके साथ पति या कोई पुरुष अभिभावक अनिवार्य रूप से मौजूद होना चाहिए।

महिलाओं की स्वतंत्र आवाजाही पर भी अंकुश लगाया गया है। यदि विवाहित महिला पति की अनुमति के बिना रिश्तेदारों से मिलने जाती है, तो उसे तीन महीने तक की जेल हो सकती है। महिला अधिकार कार्यकर्ता इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर सीधा हमला मान रहे हैं।

इसके अलावा नई दंड संहिता में समाज के चार वर्गों—उलेमा, अभिजात वर्ग, मध्यम वर्ग और निम्न वर्ग—के आधार पर अपराध की सजा तय करने का प्रावधान किया गया है। गंभीर अपराधों में शारीरिक दंड इस्लामी धर्मगुरुओं द्वारा दिया जाएगा, जबकि अन्य वर्गों को चेतावनी, कारावास या जेल के साथ दंडित किया जा सकता है।

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन इस कानून की कड़ी आलोचना कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, तालिबान ने कानून पर सार्वजनिक चर्चा को भी अपराध की श्रेणी में डाल दिया है, जिससे असहमति की आवाज़ें और सीमित हो गई हैं। निर्वासन में कार्यरत अफगान मानवाधिकार संगठन रावदारी ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से अपील की है कि वे इस कानून के लागू होने को रोकने के लिए तुरंत कदम उठाएं।

संयुक्त राष्ट्र की महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा पर विशेष रिपोर्टर रीम अल्सालेम ने कहा कि यह कानून महिलाओं और लड़कियों के जीवन पर गंभीर और दीर्घकालिक प्रभाव डालेगा और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अब हस्तक्षेप के लिए तैयार होना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कानून से अफगान समाज में लैंगिक समानता और न्याय के सिद्धांत गंभीर रूप से प्रभावित होंगे, और देश में मानवाधिकार की स्थिति पर वैश्विक चिंता बढ़ गई है।

Karuna

infosummerexpress@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Trending

टोहाना में गैस एजेंसी पर बड़ी कार्रवाई : CM फ्लाइंग और फूड सप्लाई विभाग की रेड में अनियमितताएं उजागर

Summer express, फतेहाबाद|हरियाणा के फतेहाबाद जिले के टोहाना स्थित डांगरा रोड पर एक रसोई गैस एजेंसी पर देर रात CM फ्लाइंग और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान स्टॉक और रिकॉर्ड में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद एजेंसी को मौके पर ही सील कर दिया गया। जानकारी...

हरियाणा महिला आयोग की सख्ती: गायक मासूम शर्मा को नोटिस, 18 अप्रैल को करनाल में पेश होने के निर्देश

Summer express,करनाल  | हरियाणा राज्य महिला आयोग ने गायक मासूम शर्मा के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें नोटिस जारी कर 18 अप्रैल को करनाल में आयोग के समक्ष पेश होने के निर्देश दिए हैं। मामला एक कार्यक्रम के दौरान कथित रूप से आपत्तिजनक भाषा और मंच से अभद्र शब्दों के इस्तेमाल से जुड़ा है। महिला...

हरियाणा में कचरे से बनेगी बिजली, पांच शहरों में वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की तैयारी

Summer express, फरीदाबाद |हरियाणा सरकार ने कचरा निस्तारण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई है। इस योजना के तहत फरीदाबाद, गुरुग्राम, पंचकूला, करनाल और हिसार में कचरे से बिजली उत्पादन के लिए आधुनिक संयंत्र लगाए जाएंगे। प्रदेश के...

सोनीपत में महिला आयोग की सख्ती: चेयरपर्सन रेणु भाटिया का ठेकों और क्लबों पर छापा

Summer express,सोनीपत |हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने सोनीपत के राई क्षेत्र में स्थित एक प्रमुख यूनिवर्सिटी के आसपास अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कसते हुए देर रात औचक निरीक्षण किया। खास बात यह रही कि भाटिया खुद कार चलाकर मौके पर पहुंचीं और गांव राठधाना रोड के आसपास संचालित शराब ठेकों और कई...

एनआईटी कुरुक्षेत्र में छात्रों का उग्र प्रदर्शन, दो महीने में 4 आत्महत्याओं से गुस्सा

summer express,कुरुक्षेत्र |  नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) कुरुक्षेत्र में पिछले दो महीनों के भीतर चार छात्र-छात्राओं की आत्महत्या के मामलों ने कैंपस का माहौल तनावपूर्ण बना दिया है। इन घटनाओं के विरोध में देर रात सैकड़ों छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतर आए और संस्थान प्रशासन व शिक्षकों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे...

हम लाते हैं तेज़, साफ़ और भरोसेमंद ख़बरें — शोर के बीच भी सच्चाई तक पहुंचाने वाली।
चाहे ब्रेकिंग न्यूज़ हो या आपके लिए अहम कहानियाँ, हर दिन हम देते हैं समझदारी और रोचक अंदाज़ में कवरेज।

Must Read

©2025- All Right Reserved.