Summer express, फरीदाबाद |हरियाणा सरकार ने कचरा निस्तारण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई है। इस योजना के तहत फरीदाबाद, गुरुग्राम, पंचकूला, करनाल और हिसार में कचरे से बिजली उत्पादन के लिए आधुनिक संयंत्र लगाए जाएंगे।
प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में बढ़ते कचरे के ढेर और उससे फैल रहे प्रदूषण को देखते हुए यह पहल की जा रही है। खासतौर पर लैंडफिल साइट्स पर जमा कचरे से निकलने वाला लीचेट भूजल को प्रदूषित कर रहा है, जिससे पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों पर गंभीर असर पड़ रहा है।
इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए पांच वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की एक समिति गठित की गई है। समिति में फरीदाबाद, गुरुग्राम और हिसार के नगर निगम आयुक्तों सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं, जिन्हें 20 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपनी होगी।
रिपोर्ट में कचरे की दैनिक मात्रा, प्लांट के लिए उपयुक्त भूमि, बिजली उत्पादन और वितरण की व्यवस्था, पावर परचेज एग्रीमेंट का ढांचा, परियोजना की लागत और पर्यावरणीय प्रभाव जैसे अहम पहलुओं का विश्लेषण किया जाएगा। यह पहली बार है जब किसी परियोजना के लिए इतनी उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है।
सरकार इस परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर लागू करने की योजना बना रही है, जिसमें निजी कंपनियों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। इससे पहले गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड स्थित बंधवाड़ी में कचरे से बिजली बनाने की योजना इको ग्रीन कंपनी को सौंपी गई थी, लेकिन तय समय पर काम शुरू न होने के कारण अनुबंध रद्द कर दिया गया था।
वर्तमान में फरीदाबाद से रोजाना करीब 860 मीट्रिक टन और गुरुग्राम से 1200 मीट्रिक टन से अधिक कचरा निकलता है, जिसके निपटान में प्रशासन को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर बार-बार आग लगने की घटनाएं भी चिंता का विषय बनी हुई हैं।
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि इस योजना के लागू होने से न केवल कचरा प्रबंधन की समस्या का समाधान होगा, बल्कि ऊर्जा उत्पादन में भी वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि पहले चरण में तीन जिलों को इस परियोजना में शामिल किया जाएगा।