मंडी, धर्मवीर-: मंडी में जारी महाशिवरात्रि महोत्सव में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का महा मेला लगा हुआ है। यहां पड्डल मैदान में सजे मेले में इस योजना के तहत एक साथ 76 स्टाॅल लगाए गए हैं। प्रदेश भर से आए कारीगर खुद द्वारा निर्मित उत्पादों को बेचने के साथ ही केंद्र सरकार की योजना का लाभ भी उठा रहे हैं। पेश है एक रिपोर्ट।
छोटी काशी मंडी के पड्डल मैदान में महाशिवरात्रि पर सजे मेले में जहां देश भर से आए व्यापारी अपना करोबार कर रहे हैं, वहीं इस मेले में केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का महा मेला भी लगा हुआ है। एमएसएमई द्वारा मेले में विश्वकर्मा योजना के तहत 76 स्टाॅल लगाए गए हैं, जिसके माध्यम से प्रदेश भर से आए 76 कारीगरों को खुद द्वारा निर्मित उत्पादों को बेचने के लिए एक मंच मुहैया करवाया गया है। यह पहला मौका है जब शिवरात्रि में इस योजना के तहत इतने बड़े स्तर पर कारीगरों को मंच मुहैया करवाया गया है। कारीगर बबली, हेमलता और नीरज कुमार ने उन्हें इस तरह का मंच और सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है।
एमएसएमई विकास कार्यालय सोलन के प्रमुख अशोक कुमार गौतम ने बताया कि प्रधाानमंत्री विश्वकर्मा योजना 17 सितंबर 2023 को शुरू हुई थी। योजना में न सिर्फ कारीगरों को हुनरमंद बनाना है बल्कि उनके हुनर को लोगों तक पहुंचाने का मंच भी मुहैया करवाना है। इसी के तहत इन्हें ऐसे आयोजनों पर मंच मुहैया करवाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि शिवरात्रि मेले में आए सभी कारीगरों को न सिर्फ निशुल्क स्टाॅल उपलब्ध करवाए गए हैं बल्कि योजना के तहत आने-जाने और रहने-खाने के खर्च के अलावा रोजाना की दिहाड़ी का सारा खर्च भी केंद्र सरकार की तरफ से दिया जा रहा है। हालांकि यह प्रदर्शनी एवं बिक्री दो दिन की थी लेकिन अब इसे एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया गया है। बता दें कि इस योजना के तहत उन कारीगरों के हुनर को तराशने का काम किया जाता है जो हुनर से आजीविका कमाने की इच्छा रखते हैं। केंद्र सरकार की इस महत्वकांक्षी योजना से हिमाचल प्रदेश के लाखों कारीगर आज उन्नति की राह पर अग्रसर हैं।