Facebook-f Youtube Summer Express - Header One X-twitter

CBSE प्रणाली लागू करने से पहले शिक्षकों की परीक्षा पर बवाल, HGTU ने किया विरोध

शिमला, संजू-:हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों में सीबीएसई प्रणाली लागू करने के फैसले को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। प्रदेश सरकार द्वारा चयनित 134 स्कूलों में सीबीएसई बोर्ड लागू करने की तैयारी के साथ शिक्षकों की दक्षता जांचने के लिए परीक्षा आयोजित करने के निर्णय पर हिमाचल राजकीय शिक्षक संघ ने कड़ा विरोध जताया है। संघ ने स्पष्ट कहा है कि वर्षों से सेवाएं दे रहे शिक्षकों की योग्यता को दोबारा परीक्षा के माध्यम से परखना उनके मान-सम्मान को ठेस पहुंचाने जैसा है। शिक्षक संघ ने ऐलान किया है कि वे इस परीक्षा के लिए आवेदन फॉर्म नहीं भरेंगे और सरकार से इस निर्णय को तुरंत वापस लेने की मांग की है।

विस्तार :

दक्षता परीक्षा से आहत शिक्षक, HGTU ने सरकार को दिया दो टूक संदेश

राज्य सरकार ने हाल ही में 134 सरकारी स्कूलों में सीबीएसई प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए शिक्षकों की दक्षता जांचने हेतु विशेष परीक्षा आयोजित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। हालांकि, इस निर्णय को लेकर प्रदेशभर के शिक्षकों में असंतोष फैल गया है।

हिमाचल राजकीय शिक्षक संघ का कहना है कि जो शिक्षक वर्षों पहले चयनित होकर नियुक्त हुए थे, वे पहले ही विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और चयन प्रक्रियाओं से गुजर चुके हैं। ऐसे में लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों की दक्षता पर सवाल उठाना अनुचित है। संघ का तर्क है कि यह फैसला शिक्षकों के आत्मसम्मान पर सीधा प्रहार है।संघ के पदाधिकारियों ने पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 80 हजार शिक्षक कार्यरत हैं, लेकिन अब तक प्रस्तावित परीक्षा के लिए करीब 1500 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं। इसे उन्होंने शिक्षकों की एकजुटता और विरोध का संकेत बताया। संघ ने सभी शिक्षकों से आह्वान किया है कि वे इस परीक्षा के लिए आवेदन न करें।संघ का यह भी कहना है कि यदि शिक्षक आवेदन ही नहीं करेंगे तो सरकार 5500 पदों को कैसे भरेगी। उन्होंने सरकार को चेताया कि बिना शिक्षकों की सहमति के ऐसी नीतियां थोपना उचित नहीं है।

संघ ने यह भी सवाल उठाया कि जो शिक्षक 30-40 वर्षों से विद्यार्थियों को शिक्षा दे रहे हैं, उन्हें अचानक उच्च स्तरीय परीक्षा में बैठाना कितना व्यावहारिक है। उनका कहना है कि कई शिक्षक उम्रदराज़ हैं और वे नियमित रूप से उत्कृष्ट परिणाम देते आए हैं। यदि कोई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी वर्षों बाद परीक्षा दे तो संभव है वह भी वर्तमान पैटर्न पर खरा न उतर पाए।

शिक्षक संघ ने सरकार को सुझाव दिया है कि सीबीएसई प्रणाली लागू करते समय शिक्षकों और स्कूलों के हितों को प्राथमिकता दी जाए। संघ की मांग है कि पहले से कार्यरत शिक्षकों को कम से कम एक वर्ष का समय दिया जाए, ताकि वे सीबीएसई बोर्ड के अनुरूप अपनी कार्यप्रणाली को ढाल सकें और बोर्ड परीक्षा के परिणामों के आधार पर उनकी कार्यक्षमता का मूल्यांकन किया जाए। यदि उसके बाद भी कोई शिक्षक अपेक्षित मानकों पर खरा नहीं उतरता, तभी आगे की कार्रवाई की जाए।संघ ने सीबीएसई और हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के बीच अंतर-बोर्ड स्थानांतरण नीति लागू करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि यदि कोई शिक्षक सीबीएसई से राज्य बोर्ड में या राज्य बोर्ड से सीबीएसई में जाना चाहता है, तो उसे विकल्प मिलना चाहिए। अन्यथा पदोन्नति और सेवा शर्तों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।इसके अलावा संघ ने स्कूलों में शिक्षकों के 100 प्रतिशत रिक्त पद भरने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक स्कूलों में पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध नहीं होगा, तब तक केवल परीक्षा के आधार पर दक्षता आंकना न्यायसंगत नहीं है। प्रिंसिपल और शिक्षकों का मूल्यांकन परीक्षा परिणाम और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर किया जाना चाहिए।

संघ ने लड़कों और लड़कियों के स्कूलों के प्रस्तावित विलय पर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि स्कूलों को मर्ज करने के बजाय उन्हें मजबूत किया जाए। साथ ही पदोन्नति व्यवस्था को प्रभावित न किया जाए और आवश्यकता अनुसार वाइस-प्रिंसिपल के पद सृजित किए जाएं।एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा फीस संरचना का भी उठाया गया। संघ का कहना है कि सीबीएसई प्रणाली की फीस अधिक होती है, जिससे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। उन्होंने शिक्षा विभाग में किसी भी प्रकार के निजीकरण का विरोध करते हुए फीस न बढ़ाने की मांग की।संघ ने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा जा चुका है। जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

“प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षक वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे पहले ही चयन परीक्षाओं से गुजरकर यहां पहुंचे हैं। इतने वर्षों बाद उनकी दक्षता को दोबारा परीक्षा के माध्यम से परखना उचित नहीं है। यह उनके मान-सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला कदम है। हम सरकार से मांग करते हैं कि इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए और शिक्षकों के हितों को प्राथमिकता दी जाए।”

Chandrika

chandrika@summerexpress.in

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Trending

पहाड़ी कवि सम्मेलन में उठी हिमाचली पहाड़ी बोली को संवैधानिक दर्जा देने की मांग

Summer express/मंडी,धर्मवीर-:देश की सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाली छोटी काशी मंडी से एक बार फिर पहाड़ी बोली के संरक्षण और संर्वधन की मांग उठी है। सोमवार को शहर में आयोजित हुए पहाड़ी कवि सम्मेलन के माध्यम से पहाड़ी कवियों ने इसके संरक्षण और संवर्धन की मांग उठाई है। इस कवि सम्मेलन में कुल्लू, मंडी और...

नूरपुर में कांग्रेस की संगठनात्मक बैठक, 2027 चुनाव की तैयारियों पर हुआ मंथन

Summer express/संजीव महाजन/नूरपुर-:नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के लोक निर्माण विभाग (PWD) विश्राम गृह में कांग्रेस की संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पूर्व विधायक अजय महाजन ने की, जबकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत करते हुए संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प दोहराया।...

लंबित देनदारियों और डीए पर अधिसूचना की मांग, पेंशनरों ने सरकार को दिया अल्टीमेटम

Summer express/शिमला/संजू -:हिमाचल प्रदेश संयुक्त पेंशनर संघर्ष समिति ने राज्य सरकार से 31 जुलाई तक छठे वेतन आयोग की लंबित देनदारियों और महंगाई भत्ते की लंबित किश्तों पर अधिसूचना जारी करने की मांग की है। समिति का कहना है कि यदि तय समय सीमा तक सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया तो 8 अगस्त को...

अंबाला में गो सेवकों ने गाय को राष्ट्रीय माता घोषित करने की उठाई मांग

Summer express, अंकुर कपूर , अंबाला। गो सेवा, गो रक्षा और गो सम्मान की मांग को लेकर सोमवार को अंबाला में ‘गो सम्मान आवाहन अभियान’ के तहत बड़ी संख्या में गो सेवक और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एकत्रित हुए। इस दौरान उन्होंने सरकार के नाम ज्ञापन सौंपकर गाय को राष्ट्रीय माता का दर्जा देने की...

हिमाचल में 31 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों के लिए ऑरेंज चेतावनी जारी

Summer express/शिमला, संजू-;हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और आने वाले दिनों में मौसम के और अधिक खराब होने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 28 जुलाई से 31 जुलाई तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।...
Summer Express - header one

हम लाते हैं तेज़, साफ़ और भरोसेमंद ख़बरें — शोर के बीच भी सच्चाई तक पहुंचाने वाली।
चाहे ब्रेकिंग न्यूज़ हो या आपके लिए अहम कहानियाँ, हर दिन हम देते हैं समझदारी और रोचक अंदाज़ में कवरेज।

Must Read

©2025- All Right Reserved.