शिमला, संजू-:शिमला में कांग्रेस शासित नगर निगम का तीसरा बजट शुक्रवार को पेश किया गया। महापौर सुरेंद्र चौहान ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 688 करोड़ रुपये का सरप्लस बजट सदन में रखा। पिछले वर्ष यह बजट 188 करोड़ रुपये का था। इस बार नगर निगम ने शहरवासियों पर कोई नया कर नहीं लगाया है। बजट में विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए कई नई योजनाओं की घोषणा की गई है।
बजट के तहत शहर में विभिन्न स्थानों पर नई पार्किंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सभी सार्वजनिक शौचालयों में महिलाओं को सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाएंगे। बच्चों को दूध पिलाने वाली माताओं की सुविधा के लिए रिज और माल रोड पर फीडिंग रूम बनाए जाएंगे। इसके अलावा शहर में 26 चिन्हित स्थानों पर फूड वैन आवंटित की जाएंगी, जिससे बेरोजगार महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार का अवसर मिलेगा।नगर निगम ने कोर एरिया में ई-कार्ट चलाने की घोषणा की है, जिससे प्रतिबंधित मार्गों पर सुगम आवाजाही सुनिश्चित हो सके। शहर में छह साइकिल ट्रैक विकसित किए जाएंगे और विभिन्न स्थानों पर साइकिल स्टैंड भी बनाए जाएंगे। सभी वार्डों में 1000 सोलर लाइटें स्थापित की जाएंगी। भरयाल में दो मेगावाट क्षमता का सोलर प्रोजेक्ट लगाया जाएगा।सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिस पर 50 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। बालूगंज क्षेत्र में नगर निगम कर्मचारियों के लिए 34 करोड़ रुपये की लागत से 72 आवास बनाए जाएंगे। साथ ही पहली बार निगम अपने कर्मचारियों के लिए बीमा योजना शुरू करेगा, जिसके लिए कर्मचारियों से कोई प्रीमियम नहीं लिया जाएगा।
नगर निगम आय बढ़ाने के लिए आवासीय फ्लैट बनाकर बेचने की योजना भी तैयार कर रहा है। तारादेवी के पास वर्ल्ड क्लास वेलनेस सेंटर स्थापित किया जाएगा। सचिवालय से चौड़ा मैदान तक भूमिगत डक्ट बनाए जा रहे हैं, जिनमें फाइबर और पाइपलाइन बिछाने के लिए शुल्क लिया जाएगा।
शहर की जिन बावड़ियों का पानी पीने योग्य नहीं है, उनका उपयोग टॉयलेट फ्लशिंग के लिए किया जाएगा। बजट पेश करते हुए महापौर ने इसे ऐतिहासिक करार दिया और कहा कि निगम आने वाले समय में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। बजट सत्र के दौरान विपक्षी पार्षदों ने हंगामा किया और सदन से बाहर चले गए।