नई दिल्ली। मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। BSE सेंसेक्स लगभग 815 अंक टूटकर 82,479.59 पर आ गया, जबकि Nifty 50 लगभग 206.75 अंक फिसलकर 25,505.75 पर बंद हुआ। बाजार में कमजोरी का असर अमेरिकी व्यापार नीतियों और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण देखा गया।
विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 15% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा और संभावित व्यापार प्रतिबंधों ने उभरते बाजारों, विशेषकर भारत, पर दबाव बढ़ा दिया। हालांकि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने इन टैरिफ को अवैध घोषित किया है, लेकिन नीति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
सेंसेक्स के भारी-भरकम शेयरों में आईटी और टेलीकॉम सेक्टर सबसे अधिक दबाव में रहे। Infosys और Bharti Airtel ने मिलकर सेंसेक्स में 250 अंकों से अधिक की गिरावट में योगदान दिया। HCL Technologies, TCS और Tech Mahindra के शेयर लगभग 3% तक टूटे। Eternal करीब 4% कमजोर हुआ। Bajaj Finance, Bharat Electronics, Trent और ITC में भी 1% से अधिक कमजोरी रही।
मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी दबाव रहा। BSE मिडकैप 150 इंडेक्स लगभग 0.8% गिरा, जबकि स्मॉलकैप 250 इंडेक्स लगभग 1% कमजोर रहा।
वैश्विक बाजार में मिश्रित रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई 0.76% बढ़कर 57,250 पर, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.61% बढ़कर 5,940 पर, हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 2% गिरकर 26,539 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट 1.17% बढ़कर 4,129 पर ट्रेड कर रहा था।
विदेशी निवेशकों (FII) ने 23 फरवरी को 3,483 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 1,292 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। सोमवार 23 फरवरी को सेंसेक्स 480 अंक बढ़कर 83,295 पर बंद हुआ था।