हमीरपुर, अरविन्द-:देश की राजधानी नई दिल्ली में 16 से 20 फरवरी तक आयोजित राष्ट्रीय एआई समिट में सैनिक स्कूल सुजानपुर के छात्रों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर स्कूल और जिले का नाम रोशन किया। देशभर के सैनिक स्कूलों में से केवल सैनिक स्कूल सुजानपुर के दो प्रोजेक्ट इस प्रतिष्ठित मंच के लिए चयनित हुए, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। चार छात्रों ने दो अलग-अलग टीमों में भाग लेकर ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार सृजन और एआई आधारित फेस डिटेक्शन सुरक्षा प्रणाली जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने नवाचार प्रस्तुत किए।
समिट से लौटने के बाद छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस प्रकार के राष्ट्रीय स्तर के आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देते हैं। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से विकसित राष्ट्र की ओर अग्रसर है और तकनीक के क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। छात्रों ने यह भी बताया कि स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों के पूर्ण सहयोग के कारण ही वे इस मुकाम तक पहुंच सके।
ग्रामीण कारीगरों को डिजिटल मंच से जोड़ने की पहल
सातवीं कक्षा के छात्र शौर्य मलिक और अखिलेश सिंह ने अपने प्रोजेक्ट की जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने एक विशेष वेबसाइट तैयार की है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण और दूर-दराज क्षेत्रों के हस्तशिल्प कारीगरों तथा स्थानीय उत्पादकों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना है। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश के गद्दी समुदाय के पारंपरिक परिधानों और अन्य स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाने में सहायक होगा।छात्रों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई प्रतिभाशाली कारीगर हैं, जिनके उत्पाद गुणवत्ता में उत्कृष्ट होते हैं, लेकिन उन्हें उचित बाजार और सही मूल्य नहीं मिल पाता। उनकी वेबसाइट खरीदारों और विक्रेताओं के बीच सीधा संपर्क स्थापित करेगी। खरीदारों को संबंधित क्षेत्र के उत्पादों की विस्तृत जानकारी मिलेगी, वहीं विक्रेताओं को संभावित ग्राहकों के बारे में सूचना प्राप्त होगी। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और कारीगरों की आय में वृद्धि की संभावना बनेगी।उन्होंने कहा कि यदि इस मॉडल को बड़े स्तर पर लागू किया जाए तो यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। छात्रों का मानना है कि डिजिटल इंडिया के दौर में तकनीक के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाई जा सकती है।
फेस डिटेक्शन से मजबूत होगी संस्थानों की सुरक्षा
वहीं, सातवीं कक्षा के ही छात्र आदित्य नेगी और अर्णव वशिष्ठ ने एआई आधारित उन्नत सर्विलांस सिस्टम पर अपना प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया। इस परियोजना में फेस डिटेक्शन तकनीक का उपयोग कर किसी भी संस्थान या सुरक्षित परिसर में प्रवेश करने वाले व्यक्ति की पहचान कर तत्काल अलर्ट जारी करने की व्यवस्था की गई है।
छात्रों ने बताया कि वर्तमान समय में सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। ऐसे में एआई आधारित निगरानी प्रणाली संस्थानों की सुरक्षा को अधिक मजबूत और चौकस बना सकती है। उनका सिस्टम संदिग्ध व्यक्ति के प्रवेश करते ही संबंधित प्राधिकरण को सूचना देगा, जिससे त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी।उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट की शुरुआत वे अपने ही संस्थान सैनिक स्कूल सुजानपुर से करना चाहते हैं। उनका उद्देश्य स्कूल परिसर को अधिक सुरक्षित बनाना है, ताकि छात्र-छात्राओं और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। छात्रों का मानना है कि भविष्य में इस तकनीक का उपयोग अन्य शैक्षणिक संस्थानों और संवेदनशील स्थानों पर भी किया जा सकता है।
कम उम्र में बड़ा मंच
छात्रों ने बताया कि समिट में जब लोगों को उनकी उम्र का पता चला तो वे आश्चर्यचकित रह गए। मात्र 13 वर्ष की आयु में राष्ट्रीय स्तर पर अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत करना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि समिट के दौरान उन्हें बड़ी कंपनियों के कार्यप्रणाली, प्रबंधन और तकनीकी नवाचारों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त हुई। इससे उनके ज्ञान और आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
अटल टिंकरिंग लैब का योगदान
छात्रों के साथ गई अटल टिंकरिंग लैब की इंचार्ज पुष्पा ने बताया कि स्कूल में छठी से बारहवीं कक्षा तक के सभी छात्रों को अपने नवाचार साझा करना अनिवार्य किया गया है। हर वर्ष अटल टिंकरिंग लैब से जुड़े स्कूल अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत करते हैं, जिनमें से चयनित प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शन का अवसर मिलता है।उन्होंने बताया कि इस वर्ष देशभर से चुने गए टॉप 50 प्रोजेक्ट्स को दिल्ली में आयोजित एआई समिट और नीति आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने का मौका मिला। सैनिक स्कूल सुजानपुर की दोनों टीमों ने इस मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जो स्कूल के लिए गर्व की बात है।
स्कूल प्रशासन ने जताया गर्व
इस अवसर पर स्कूल के वाइस प्रिंसिपल अक्षय कुमार साहू ने कहा कि यह पूरे संस्थान के लिए गर्व का विषय है कि सैनिक स्कूल सुजानपुर की दो टीमों को राष्ट्रीय स्तर के समिट में भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि इन दोनों प्रोजेक्ट्स का चयन अटल टिंकरिंग लैब की टॉप 50 सूची में हुआ था, जिसके बाद छात्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने विचार प्रस्तुत करने का मंच मिला।
उन्होंने कहा कि स्कूल के सभी शिक्षक और पूर्व छात्र विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। इसी मार्गदर्शन और प्रोत्साहन का परिणाम है कि छात्र आज राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।छात्रों की इस उपलब्धि से न केवल स्कूल बल्कि पूरा क्षेत्र गौरवान्वित महसूस कर रहा है। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि उचित मार्गदर्शन, संसाधन और अवसर मिलें तो ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।