जींद। भारतीय रेलवे ने हरित ऊर्जा की दिशा में ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए देश की पहली हाइड्रोजन संचालित ट्रेन का सफल रनिंग ट्रायल जींद-सोनीपत रेलखंड पर पूरा किया। बुधवार दोपहर ललितखेड़ा और पिंडारा स्टेशन के बीच ट्रेन को लगभग 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से 10 किलोमीटर तक चलाया गया। परीक्षण के दौरान ट्रेन ने दोनों स्टेशनों के बीच दो चक्कर लगाए।
सुबह करीब सात बजे ट्रेन को जींद जंक्शन के यार्ड से डीजल इंजन की सहायता से मुख्य ट्रैक पर लाया गया। हांसी रोड पुल के समीप प्रारंभिक तकनीकी जांच के बाद इसे वापस जंक्शन पर लाया गया। इसके बाद सुबह 8:25 बजे हाइड्रोजन मोड पर ट्रेन को निर्धारित ट्रायल रूट के लिए रवाना किया गया।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार 22 फरवरी को ट्रायल प्रस्तावित था, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से इसे स्थगित करना पड़ा। पिछले करीब दो महीनों से जींद स्थित हाइड्रोजन प्लांट यार्ड में ट्रेन की व्यापक टेस्टिंग की जा रही थी। यह ट्रेन एक जनवरी को दिल्ली से जींद पहुंची थी और तभी से इसके विभिन्न सुरक्षा व तकनीकी मानकों की जांच जारी थी।
ट्रायल के दौरान एक डिब्बे में 30 से 35 पानी के कैन रखे गए, जिनकी क्षमता 10 से 15 लीटर प्रति कैन है। इनका उपयोग वजन संतुलन और सुरक्षा परीक्षण के लिए किया गया। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि हाइड्रोजन ईंधन आधारित यह ट्रेन पर्यावरण के अनुकूल है और पारंपरिक डीजल इंजनों की तुलना में प्रदूषण को काफी हद तक कम करेगी।
सफल परीक्षण के बाद रेलवे अब अगले चरण की तैयारियों में जुट गया है। यदि आगामी परीक्षण भी सफल रहते हैं तो देश में स्वच्छ ऊर्जा आधारित रेल सेवाओं की शुरुआत का मार्ग प्रशस्त होगा।