शिमला, संजू-:हिमाचल भाजपा ने लोकभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला को ज्ञापन सौंपकर प्रदेश में गंभीर संवैधानिक संकट का आरोप लगाया है। भाजपा ने कहा कि एआई इंपैक्ट समिट से जुड़े मामले में दिल्ली पुलिस की वैधानिक कार्रवाई में हस्तक्षेप किया गया। पार्टी का आरोप है कि पुलिस तंत्र का राजनीतिक इस्तेमाल कर प्रदेश में संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि मुख्यमंत्री कार्यालय का दुरुपयोग हुआ है और हिमाचल सदन का इस्तेमाल कथित तौर पर आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण देने के लिए किया गया। भाजपा ने केंद्र सरकार से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने और मुख्यमंत्री कार्यालय की भूमिका की भी जांच की मांग उठाई है।
नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने कहा कि एआई इंपैक्ट समिट में 20 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की मौजूदगी के बीच यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा सुनियोजित विरोध प्रदर्शन किया गया, जिससे देश की छवि को नुकसान पहुंचा। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस जब अरेस्ट वारंट के साथ हिमाचल पहुंची तो राज्य पुलिस ने सहयोग के बजाय बाधा उत्पन्न की।उन्होंने बताया कि रोहड़ू में एक कांग्रेस नेता के नाम पर कमरा बुक किया गया था, जहां से आरोपियों को हिरासत में लिया गया। लेकिन अरेस्ट वारंट लेकर पहुंची दिल्ली पुलिस टीम को राज्य पुलिस द्वारा डिटेन कर लिया गया और आरोपियों को 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया में भी बाधा डालने की कोशिश की गई।जयराम ठाकुर ने कहा कि एसीजेएम से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद भी दिल्ली पुलिस को रोका गया, जो कानून और स्थापित परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पुलिस अधिकारी सरकार के निर्देश पर कानून के विरुद्ध काम कर रहे हैं। उनके मुताबिक अंतरराज्यीय मामलों में राज्य सरकारों का दायित्व सहयोग करना होता है, लेकिन इस मामले में पूरी रात प्रदेश पुलिस दिल्ली पुलिस की कार्रवाई रोकने में लगी रही।
भाजपा का कहना है कि “व्यवस्था परिवर्तन” के नाम पर प्रदेश में नियमों और प्रक्रियाओं को दरकिनार किया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक तंत्र और संवैधानिक ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पार्टी ने राज्यपाल से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की है।