नई दिल्ली। अभी बसंत की विदाई पूरी तरह नहीं हुई है, लेकिन सूरज ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जिससे मौसम विशेषज्ञ और आम जनता दोनों चिंतित हैं। दिल्ली से लेकर बिहार तक, फरवरी के अंतिम दिनों में ही ऐसा धूप खिल रही है जैसे आमतौर पर अप्रैल में होती है।
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में पारा 35°C से 37°C तक दर्ज किया गया। हालांकि अभी आधिकारिक तौर पर हीटवेव की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन शुष्क हवाओं के चलते गर्मी का असर महसूस किया जा रहा है।
हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और ओडिशा में अधिकतम तापमान सामान्य से 3-5°C अधिक बना हुआ है। दक्षिण भारत में सबसे ज्यादा गर्मी तमिलनाडु के मदुरै में 37°C दर्ज की गई। अगले एक हफ्ते में मध्य भारत में तापमान 2-4°C और बढ़ने की संभावना है।
दिल्ली-NCR में फरवरी का यह महीना पिछले तीन वर्षों में सबसे गर्म रहा। शुक्रवार को सफदरजंग में तापमान 31°C तक पहुंचा। शनिवार को राजधानी में आसमान साफ रहेगा और 18-20 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। मार्च के पहले हफ्ते में तापमान 35°C तक पहुंच सकता है। बढ़ती गर्मी के बावजूद तेज हवाओं के कारण प्रदूषण स्तर में कमी आई है और AQI ‘मध्यम’ श्रेणी (200) में बना हुआ है।
वहीं पहाड़ी राज्यों में मौसम अपेक्षाकृत अनुकूल है। दो कमजोर पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और सिक्किम में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश और असम जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में भी हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
गुजरात में 4 और 5 मार्च को गर्मी के साथ-साथ उमस (humidity) भी लोगों के लिए असुविधाजनक हो सकती है। ऐसे में देश के मैदानी इलाकों में गर्मी और पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बारिश का यह मिश्रित मौसम मार्च की शुरुआत में जारी रहने का अनुमान है।