धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की पटियालकड़ पंचायत के वन क्षेत्र में एक नर तेंदुए का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। यह घटना नयना देवी मंदिर से करीब 100 मीटर की दूरी पर स्थित जंगल की है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार एक स्थानीय निवासी ने जंगल में तेंदुए का शव पड़ा देखा और तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और सिहूंड से पशु चिकित्सक डॉ. हिमानी मौके पर पहुंचे। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद तेंदुए का पोस्टमार्टम किया।
प्रारंभिक जांच में तेंदुए की गर्दन पर गहरे घाव के निशान पाए गए हैं। पशु चिकित्सक डॉ. हिमानी के मुताबिक इन चोटों को देखते हुए अंदेशा जताया जा रहा है कि यह हमला किसी अन्य तेंदुए के साथ हुए क्षेत्रीय संघर्ष का परिणाम हो सकता है। माना जा रहा है कि लड़ाई के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के कारण तेंदुए की मौत हो गई।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मामले की सूचना नियमानुसार पुलिस को भी दे दी गई है। विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि आसपास के क्षेत्र में किसी अन्य तेंदुए की मौजूदगी तो नहीं है, जिससे ग्रामीणों को कोई खतरा हो सकता है।
फिलहाल पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और तेंदुए के शव का निस्तारण वन विभाग के नियमों के अनुसार किया जाएगा। वन विभाग की टीम आसपास के जंगलों में भी निगरानी बढ़ा रही है ताकि वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।