चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान नूंह-मेवात जिले में शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर मुद्दा सामने आया। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने सदन में जानकारी देते हुए बताया कि जिले में प्राथमिक स्तर पर स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या राज्य के औसत से काफी अधिक है।
मंत्री के अनुसार वर्ष 2023-24 से 2025-26 के बीच नूंह में प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर लगातार बढ़ी है। विधानसभा में पेश आंकड़ों के मुताबिक, जहां राज्य की औसत ड्रॉपआउट दर करीब 1.70 प्रतिशत है, वहीं नूंह जिले में यह दर बढ़कर 12.52 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
वहीं विधायक आफताब अहमद ने भी जिले में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि नूंह के 37 सरकारी स्कूलों में एक भी शिक्षक तैनात नहीं है, जबकि 81 स्कूल ऐसे हैं जो केवल एक-एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों में ड्रॉपआउट दर वर्ष 2023-24 में 8.61 प्रतिशत, 2024-25 में 12.52 प्रतिशत और 2025-26 में 12.84 प्रतिशत दर्ज की गई।
इसी तरह कक्षा 11 में इन वर्षों के दौरान ड्रॉपआउट दर क्रमश: 7.88 प्रतिशत, 8.69 प्रतिशत और 4.76 प्रतिशत रही। इसके मुकाबले पूरे प्रदेश में कक्षा 6 से 8 के लिए ड्रॉपआउट दर क्रमश: 4.87 प्रतिशत, 1.7 प्रतिशत और 3 प्रतिशत रही है।
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने स्वीकार किया कि जिले में शिक्षकों के स्वीकृत 10,053 पदों में से 4,804 पद अभी भी रिक्त हैं, जिसके कारण शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
इधर, विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने परियोजनाओं के विस्तार से जुड़ी समस्याओं को रोकने के लिए नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। अब किसी भी प्रोजेक्ट में कार्य का विस्तार जरूरी होने पर अलग से नया टेंडर जारी किया जाएगा, ताकि लागत बढ़ने और प्रशासनिक दिक्कतों को रोका जा सके।
वहीं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में निवास सत्यापन के लिए जुलाई 2024 से प्रॉपर्टी आईडी अनिवार्य कर दी गई है। उन्होंने कहा कि किरायेदार परिवार पहचान पत्र (PPP) में संबंधित विकल्प चुनकर प्रॉपर्टी आईडी दर्ज कर सकते हैं।
इसके अलावा खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने जानकारी दी कि हरियाणा खेल विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 491.20 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसमें 371.20 करोड़ रुपये भवन निर्माण और 120 करोड़ रुपये खेल अवसंरचना के विकास पर खर्च किए जाएंगे। विश्वविद्यालय का मास्टर प्लान तैयार हो चुका है और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है।