लुधियाना | नगर निगम में एक कथित फर्जी हेल्थ ऑफिसर को ड्रॉइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर का जिम्मा सौंपे जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले को लेकर वीएसएस के विक्की सहोता ने राज्य सरकार के पास शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नियमों के अनुसार नगर निगम में हेल्थ ऑफिसर के पद पर केवल एमबीबीएस डिग्रीधारी डॉक्टर की ही नियुक्ति की जा सकती है। हालांकि विपल मल्होत्रा के पास आयुर्वेद का डिप्लोमा होने के बावजूद उन्हें कथित तौर पर हेल्थ ऑफिसर के रूप में नियुक्त किया गया है। आरोप है कि वह लंबे समय से हेल्थ एंड सैनिटेशन के साथ-साथ सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़े प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।
इस मामले में यह भी आरोप लगाए गए हैं कि सफाई कर्मचारियों को नियमित करने की प्रक्रिया और फर्जी कर्मचारियों के खातों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर होने से जुड़े कथित घोटाले में भी उक्त अधिकारी का नाम सामने आया है। इस संबंध में विधानसभा की एक कमेटी द्वारा कार्रवाई की सिफारिश की जा चुकी है और पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
विवाद तब और बढ़ गया जब नगर निगम कमिश्नर ने जोन-डी के जोनल कमिश्नर से डीडीओ का चार्ज वापस लेकर कथित रूप से उसी अधिकारी को दोबारा यह जिम्मेदारी सौंप दी।
शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले में स्थानीय निकाय मंत्री और विजिलेंस विभाग से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।