पानीपत | संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में हरियाणा के युवाओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का नाम रोशन किया है। इस बार हरियाणा के कुल 29 अभ्यर्थियों ने परीक्षा पास की है, जिनमें से 11 उम्मीदवार देश के टॉप-200 में स्थान बनाने में सफल रहे हैं। खास बात यह रही कि प्रदेश के एकांश ढुल ने अखिल भारतीय स्तर पर तीसरी रैंक हासिल कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
देशभर से चयनित 958 उम्मीदवारों की सूची में हरियाणा के युवाओं की उल्लेखनीय भागीदारी रही। अलग-अलग जिलों से आने वाले इन अभ्यर्थियों ने कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगातार प्रयास के दम पर यह सफलता हासिल की है। कई उम्मीदवारों ने पहले प्रयासों में असफलता मिलने के बाद दोबारा परीक्षा देकर सफलता पाई, जबकि कुछ ने पहले ही प्रयास में परीक्षा पास कर मिसाल कायम की।
जींद जिले के पिल्लूखेड़ा निवासी विकास कुंडू ने 27वीं रैंक हासिल कर प्रदेश में दूसरा सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। पिछले वर्ष वह 288वीं रैंक के साथ आईपीएस प्रशिक्षण ले रहे थे, लेकिन बेहतर रैंक के लिए दोबारा परीक्षा दी। वहीं यमुनानगर के जगाधरी निवासी दीपांशु जिंदल ने 38वीं रैंक हासिल की। इससे पहले वह हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा में भी चयनित हो चुके हैं।
फरीदाबाद के सेक्टर-28 निवासी कनिष्क अग्रवाल ने 72वीं रैंक हासिल की, जबकि यमुनानगर की कशिश कालड़ा ने दूसरे प्रयास में 96वीं रैंक प्राप्त की। रोहतक की शिखा सहरावत ने 113वीं रैंक, पानीपत की श्रेया गुप्ता ने 114वीं रैंक और रोहतक की दिव्या गहलावत बल्हारा ने 182वीं रैंक हासिल कर अपने-अपने जिलों का नाम रोशन किया।
इसके अलावा सोनीपत की मानसी डागर, चरखी दादरी की अंशिका सांगवान और सुनीता सांगवान, जींद की स्वाति आर्य, हिसार के राहुल पातड़, सोनीपत के वैभव भारद्वाज, झज्जर के जतिन जाखड़ और प्रख्या गुलिया, महेंद्रगढ़ के कर्ण सिंह व तेजवीर सिंह सहित कई अन्य अभ्यर्थियों ने भी परीक्षा में सफलता हासिल की।
इन सफल उम्मीदवारों में कई ऐसे भी हैं जिन्होंने नौकरी के साथ तैयारी जारी रखी, जबकि कुछ किसान या साधारण परिवारों से आने वाले छात्र हैं। उनकी सफलता से न केवल उनके परिवारों में बल्कि पूरे प्रदेश में खुशी और गर्व का माहौल है। यह उपलब्धि प्रदेश के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है।