हमीरपुर, अरविन्द -: स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सांई) सेंटर हमीरपुर की खिलाड़ी मानसी ने अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल कर संस्थान और प्रदेश का नाम रोशन किया है। युगांडा में आयोजित इंटरनेशनल बैडमिंटन चैलेंज में मानसी ने कड़े मुकाबलों के बीच शानदार खेल दिखाया और फाइनल तक पहुंचकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
प्रतियोगिता के सेमीफाइनल मुकाबले में मानसी ने पिछली चैंपियन सूर्यकश्रिमा चरीरी को 22-20 और 21-18 के स्कोर से हराकर फाइनल में जगह बनाई। उनके इस प्रदर्शन से सांई सेंटर हमीरपुर में खुशी का माहौल है और खिलाड़ियों व कोचों ने उनकी इस उपलब्धि पर गर्व जताया है।
रजत पदक विजेता मानसी ने बताया कि 18 से 22 फरवरी तक युगांडा में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेना उनके लिए बड़ी उपलब्धि रहा। उन्होंने कहा कि पदक जीतकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है और यह उनके लिए आगे और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा है। मानसी ने बताया कि वह सांई सेंटर में कोच प्रेम लाल के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रही हैं, जहां सुबह से लेकर शाम तक नियमित रूप से तीन सत्रों में अभ्यास किया जाता है।उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीतने के बाद उनका लक्ष्य अगली बार गोल्ड मेडल हासिल करना है। मानसी ने बताया कि भविष्य में उनका सपना विश्व स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करना और वर्ल्ड चैंपियनशिप से पहले दुनिया की टॉप-50 रैंकिंग में अपनी जगह बनाना है।
सांई सेंटर में वरिष्ठ बैडमिंटन कोच प्रेम लाल ने बताया कि मानसी शुरू से ही प्रतिभाशाली खिलाड़ी रही हैं। उन्होंने पहले लखनऊ में भी प्रशिक्षण लिया है और 2019 में राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुकी हैं। वर्ष 2022 में हिमाचल में प्रशिक्षण की जिम्मेदारी संभालने के बाद से उन्होंने खिलाड़ियों को बेहतर मंच देने का प्रयास किया है।उन्होंने बताया कि मानसी ने इससे पहले भी दो नेशनल गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की है। एक वर्ष के भीतर ही उन्होंने एसजीएफआई में गोल्ड मेडल जीता और अब युगांडा में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रजत पदक हासिल कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इसके अलावा मानसी तेलंगाना और बैंगलोर में आयोजित इंटरनेशनल चैलेंज प्रतियोगिताओं में भी बेहतरीन प्रदर्शन कर चुकी हैं।कोच प्रेम लाल ने कहा कि मानसी को लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार किया जा रहा है, ताकि आने वाले समय में वह विश्व स्तर पर भी देश और प्रदेश के लिए पदक जीत सकें।