Summer Express, चंडीगढ़ | यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ के आरोपों का सामना कर रहे हरियाणा के पूर्व खेल मंत्री और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान संदीप सिंह की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। चंडीगढ़ जिला अदालत में चल रहे मामले में पहली बार पीड़िता एथलेटिक्स जूनियर कोच की गवाही दर्ज की गई। गवाही के दौरान पीड़िता अपने पहले दिए गए बयानों पर कायम रही।
पीड़िता ने पुलिस को शिकायत के समय जो बयान दिए थे, अदालत में भी वही तथ्य दोहराए। अदालत में बयान दर्ज होने के दौरान संदीप सिंह भी मौजूद रहे। अब इस मामले की अगली सुनवाई 4 अप्रैल को निर्धारित की गई है।
दरअसल, पिछले कई महीनों से पीड़िता की गवाही नहीं हो पाने के कारण मामले की सुनवाई लंबित थी। पीड़िता ने कई बार अदालत में पेशी से छूट ली थी। इसी बीच उसने सुनवाई कर रहे जज पर पक्षपात के आरोप भी लगाए थे, जिसके बाद मामला चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया था।
अदालत में पेश होकर पीड़िता ने संदीप सिंह के खिलाफ खुलकर बयान दिए और अपनी शिकायत से जुड़े कई अहम तथ्यों को अदालत के सामने रखा। अदालत ने अब मामले की आगे की सुनवाई के लिए अगली तारीख तय कर दी है।
चार साल पहले दर्ज कराया था मामला
करीब चार वर्ष पहले हरियाणा खेल विभाग में कार्यरत एक एथलेटिक्स जूनियर कोच ने पूर्व खेल मंत्री संदीप सिंह पर छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। शिकायत के आधार पर चंडीगढ़ पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 354, 354-A, 354-B, 342, 506 और 509 के तहत मामला दर्ज किया था।
मामला दर्ज होने के बाद संदीप सिंह ने नैतिक आधार पर हरियाणा के खेल मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। शिकायत में पीड़िता ने आरोप लगाया था कि 1 जुलाई 2022 को संदीप सिंह ने उसे सेक्टर-7 स्थित अपने सरकारी आवास पर बुलाया था, जहां उसके साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई और उसके कपड़े भी फाड़ दिए गए थे। अब अदालत में पीड़िता की गवाही दर्ज होने के बाद मामले की सुनवाई आगे बढ़ने की उम्मीद है।