Summer Express , गुरुग्राम | शहर और आसपास के गांवों में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए नगर निगम गुरुग्राम ने 19 तालाबों के जीर्णोद्धार की योजना शुरू की है। निगम क्षेत्र में पहले 74 तालाबों की पहचान की गई थी, जिनमें से 55 तालाबों का विकास कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है। अब शेष बचे तालाबों को भी पुनर्जीवित करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार इन तालाबों की सफाई कर उनमें जमी गाद को निकाला जाएगा और साफ पानी भरने की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा तालाबों में सीवर या गांवों की गंदगी जाने से रोकने के लिए विशेष प्रबंध भी किए जाएंगे।
तालाबों के आसपास सौंदर्यीकरण के तहत फुटपाथ ट्रैक बनाए जाएंगे और हरियाली बढ़ाने के लिए पौधरोपण भी किया जाएगा। इससे न केवल तालाबों की स्थिति सुधरेगी, बल्कि स्थानीय लोगों को स्वच्छ और हराभरा सार्वजनिक स्थल भी मिलेगा।
नगर निगम के अनुसार इन परियोजनाओं को टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से एजेंसियों को सौंपा जाएगा। इसके लिए एस्टीमेट तैयार कर मंजूरी दी जा चुकी है और जल्द ही टेंडर जारी किए जाएंगे।
अधिकारियों ने बताया कि तालाबों को बरसाती नालों से भी जोड़ा जाएगा, ताकि वर्षा के पानी का संचयन हो सके और पूरे साल तालाबों में पानी बना रहे। इससे भूजल स्तर को रिचार्ज करने में भी मदद मिलेगी।
नगर निगम के जेई अखलाक के अनुसार धनवापुर, बजघेड़ा, धनकोट, कादीपुर, मैदावास और सराय अलावर्दी गांवों में तालाबों के विकास कार्य पहले से चल रहे हैं। वहीं उल्लावास और भोंडसी गांव के तालाबों की सफाई और मरम्मत के लिए भी मंजूरी दी जा चुकी है।
नगर निगम के जेई हिमांशु ने बताया कि एजेंसियों के चयन के बाद कार्य तेजी से शुरू कर दिए जाएंगे। निगम का लक्ष्य मानसून से पहले सभी परियोजनाओं को पूरा करना है, ताकि वर्षा के पानी का अधिकतम उपयोग किया जा सके।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार प्रत्येक तालाब के विकास और जीर्णोद्धार पर लगभग 35 से 40 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। तालाबों के पुनर्जीवन से जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और भूजल स्तर में सुधार की उम्मीद है।