Summer Express, चंडीगढ़ | हरियाणा में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस भले ही एकजुटता का दावा कर रही हो, लेकिन पार्टी के भीतर क्रॉस वोटिंग की आशंका को लेकर चिंता बढ़ती नजर आ रही है। इसी आशंका के चलते कांग्रेस नेतृत्व अपने विधायकों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें दूसरे राज्य में शिफ्ट करने की रणनीति पर विचार कर रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव अक्सर ऐसे मोड़ ले लेते हैं, जहां संख्या का गणित अचानक राजनीतिक समीकरणों में बदल जाता है। ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व अपने विधायकों की एकजुटता बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरत रहा है।
पार्टी के सामने एक चुनौती यह भी है कि विपक्ष में होने के कारण कांग्रेस विधायक अपने क्षेत्रों के विकास कार्यों और समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन और सरकार के साथ तालमेल बनाए रखते हैं। ऐसे में कांग्रेस को आशंका है कि कहीं सत्तारूढ़ भाजपा इस स्थिति का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश न करे।
इसके अलावा पार्टी के भीतर राज्यसभा उम्मीदवार कर्मवीर सिंह बौद्ध को लेकर भी कुछ असहजता की चर्चा है। कई विधायकों के लिए यह नाम नया बताया जा रहा है और पार्टी के भीतर यह सवाल भी उठ रहा है कि जिस व्यक्ति को अधिकांश नेता ठीक से नहीं जानते, उसे अचानक राज्यसभा उम्मीदवार क्यों बनाया गया।
हालांकि कांग्रेस नेतृत्व का कहना है कि सभी विधायक पार्टी के उम्मीदवार कर्मवीर सिंह बौद्ध को जिताने के लिए एकजुट हैं। इसके बावजूद पार्टी को 2016 और 2022 के राज्यसभा चुनावों के अनुभव भी याद हैं, जब पर्याप्त संख्या होने के बावजूद कांग्रेस के समीकरण बिगड़ गए थे और भाजपा ने बाजी अपने पक्ष में कर ली थी।
ऐसे में इस बार कांग्रेस नेतृत्व कोई जोखिम नहीं लेना चाहता और विधायकों को एकजुट रखने के लिए सभी संभावित विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।