Summer Express, नई दिल्ली | संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान सोमवार को लोकसभा में पहली बार प्रश्नकाल बिना किसी व्यवधान के संपन्न हुआ। इससे पहले सत्र के शुरुआती दिनों में विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के कारण प्रश्नकाल बार-बार प्रभावित हो रहा था।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कुछ विपक्षी सांसदों ने अपनी चिंताओं को तुरंत उठाने की मांग की। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें आश्वासन दिया कि प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद दोपहर 12 बजे उन्हें अपनी बात रखने का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद प्रश्नकाल शांतिपूर्ण ढंग से पूरा हुआ।
हालांकि, दूसरी ओर राज्यसभा में विपक्ष के विरोध के चलते हंगामे की स्थिति बनी रही। विपक्षी दल पश्चिम एशिया में जारी संकट और देश में एलपीजी की स्थिति जैसे मुद्दों पर सरकार से चर्चा कराने की मांग कर रहे थे। इस दौरान सदन में नारेबाजी और बार-बार व्यवधान देखने को मिला।
बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले सप्ताह में भी विपक्षी प्रदर्शनों के कारण सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई थी। खासकर सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक होने वाला प्रश्नकाल पूरा नहीं हो पा रहा था, जिससे कई महत्वपूर्ण सवालों पर चर्चा नहीं हो सकी।
इसी बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हाल ही में सांसदों के आचरण को लेकर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को पत्र लिखकर सदन की गरिमा बनाए रखने और सांसदों के बीच अनुशासन सुनिश्चित करने की अपील की थी।
उन्होंने अपने पत्र में कहा कि संसद में हमेशा से गरिमापूर्ण चर्चा और संवाद की समृद्ध परंपरा रही है, लेकिन हाल के दिनों में कुछ सांसदों के व्यवहार से संसदीय लोकतंत्र की प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है। उन्होंने सभी दलों से आग्रह किया कि वे अपने सदस्यों को सदन की मर्यादा बनाए रखने के लिए प्रेरित करें।