Summer Express , लुधियाना | सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेशों के बावजूद पंजाब में बड़ी संख्या में ई-श्रम राशन कार्ड धारक परिवारों को अब तक मुफ्त राशन नहीं मिल पाया है। करीब एक वर्ष बीत जाने के बाद भी 1,49,604 परिवारों से जुड़े लगभग 4,63,407 लोग सरकारी अनाज की उम्मीद में भटकने को मजबूर हैं।
जानकारी के अनुसार इन परिवारों में अधिकतर प्रवासी मजदूर शामिल हैं, जो अपने अधिकार के तहत मिलने वाले मुफ्त राशन के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। लोग कभी राशन डिपो तो कभी प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें कोई राहत नहीं मिल सकी है। इससे इन परिवारों में निराशा बढ़ती जा रही है।
बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद फरवरी 2025 में पंजाब सरकार के निर्देश पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने राज्यभर में करीब डेढ़ लाख मजदूर परिवारों के लिए ई-श्रम राशन कार्ड जारी किए थे। इस योजना का उद्देश्य इन परिवारों को मुफ्त अनाज उपलब्ध कराना था, लेकिन कार्ड बनने के बाद भी उन्हें राशन का लाभ नहीं मिल पाया।
स्थिति यह है कि राशन कार्ड होने के बावजूद इन परिवारों को डिपो से एक भी दाना अनाज नहीं मिला है। जब लाभार्थी अपने हिस्से का राशन लेने के लिए संबंधित अधिकारियों या डिपो पर पहुंचते हैं, तो उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाता और बार-बार इंतजार करने को कहा जाता है।
इस समस्या के चलते राज्य के विभिन्न जिलों में हजारों मजदूर परिवारों की आजीविका पर असर पड़ रहा है। अब इन परिवारों की नजर केंद्र और पंजाब सरकार के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों पर टिकी हुई है कि उन्हें उनका हक कब मिलेगा और इस लंबित मामले का समाधान कब तक किया जाएगा।