सबसे ऊंची चोटी पर विराजमान माता शिकारी देवी में, नवरात्रि के शुभारंभ पर विशेष पूजा अर्चना

Chandrika
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मंडी, धर्मवीर -: हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च 2026 यानी आज से हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 का आगाज हो गया है। हिंदू नव वर्ष के साथ साथ आज से  चैत्र नवरात्रि की भी शुरुआत हो गई है। मंडी जिला की सबसे ऊंची चोटी पर विराजमान माता शिकारी देवी में नवरात्रों के उपलक्ष्य पर विशेष अर्चना की गई। घाटी में बीती रात से जारी बर्फबारी भी माता के भक्तों को पूजा अर्चना करने से नहीं रोक पाई। माता शिकारी देवी के पुजारी और कारदार आज सुबह माता शिकारी देवी के दरबार पहुंचे और नवरात्रों के पहले दिन विशेष पूजा अर्चना व हवन यज्ञ किया गया।

बीती रात से जारी बर्फबारी से भी नहीं रुक पाई पूजा अर्चना

 बता दें कि मंडी जिला के थुनाग उपमंडल के तहत आने वाला माता शिकारी देवी का यह मंदिर समुद्र तल से 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह मंदिर पुरी तरह से छत से विहीन है और शिकारी माता यहां खुले आसमान के नीचे ही रहना पसंद करती है। यहां सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी देखने को मिलती है। जिस कारण प्रशासन व मंदिर कमेटी की तरफ से नवंबर से अप्रैल महीने के पहले हफ्ते तक मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद रखे जाते हैं। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर शिकारी देवी में श्रद्धालुओं व सैलानियों के आने पर भी पूरी तरह से रोक रहती है। केवल मंदिर के पुजारी और कारदार ही इस दौरान सुबह शाम माता की पूजा अर्चना करते हैं। माता के पुजारी सुरेश शर्मा ने बताया कि अभी तक शिकारी देवी में 1 फीट से अधिक बर्फबारी हो चुकी है। उन्होंने घाटी में जारी बर्फबारी के चलते श्रद्धालुओं से शिकारी देवी की ओर अपना  रूख न करने की अपील की है।

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