Summer express,बादशाहपुर । अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुनीत सहगल की अदालत ने साइबर ठगी के संगठित मामले में आरोपी महिला पूनम की जमानत याचिका खारिज कर दी। यह ठगी गुरुग्राम की सेवानिवृत्त प्रिंसिपल डॉ. अनीता से हुई थी, जिसमें आरोपी ने उनके बैंक खातों से करीब 3.03 करोड़ रुपये ठगी के जरिए हड़प लिए।
अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि साइबर अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई आवश्यक है। पीड़िता को जनवरी 2025 में साइबर ठगों ने पुलिस और सीबीआई अधिकारियों का दिखावा करके डराया-धमकाया और मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने की धमकी देकर भारी रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराई।
जांच में खुलासा हुआ कि 8 जनवरी को 62 लाख, 10 जनवरी को 63 लाख, 16 जनवरी को 75 लाख, 21 जनवरी को 58 लाख और 24 जनवरी को 45 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में भेजे गए। कुल ठगी की राशि 3.03 करोड़ रुपये से अधिक थी। आरोपी पूनम ने अपने खाते का इस्तेमाल रकम को आगे ट्रांसफर करने में किया, जिससे उसकी संलिप्तता स्पष्ट हुई।
अदालत ने इस मामले को संगठित साइबर अपराध करार देते हुए कहा कि अपराधियों ने लेन-देन को छुपाने के लिए कई स्तर बनाए थे। बढ़ते साइबर अपराधों के मद्देनजर न्यायालय ने आरोपी को जमानत देने से इनकार किया।
पुलिस ने बताया कि पूनम इस गिरोह की दूसरी परत की खाताधारक थी, और इस गिरोह में कई अन्य लोग शामिल हैं, जो पैसों को विभिन्न खातों के माध्यम से घुमाकर ट्रैक करना मुश्किल बनाते हैं।