Summer Express, हिसार | हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय परिसर में दो दिवसीय खरीफ कृषि मेले का शुभारंभ ,हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य मंत्री श्याम सिंह राणा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
इस वर्ष मेले की थीम “सतत कृषि: समृद्धि की राह” रखी गई है। पहले ही दिन करीब 25 हजार से अधिक किसानों ने मेले में पहुंचकर भागीदारी की। किसानों ने यहां उन्नत बीजों, आधुनिक कृषि यंत्रों और नई तकनीकों की जानकारी हासिल की। विशेष रूप से गेहूं और धान की उन्नत किस्मों को लेकर किसानों में खासा उत्साह देखा गया।
मेले में करीब 300 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें कृषि उत्पादों, जैविक खेती और ग्रामीण उद्यमिता से जुड़े नवाचारों को प्रदर्शित किया गया। कई किसानों ने अपने द्वारा तैयार उत्पादों जैसे बाजरे के बिस्किट, देसी गुड़ से बनी गज्जक और कच्ची घानी से निकाले गए नारियल व सरसों के तेल की स्टॉल लगाई, जिन पर लोगों की अच्छी-खासी भीड़ रही।
स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए भी मेले में विशेष स्टॉल लगाए गए। एक स्टॉल संचालक ने बताया कि वे जड़ी-बूटियों से हर्बल मेहंदी, नीम साबुन, डिटर्जेंट लिक्विड और किचन क्लीनर जैसे उत्पाद तैयार कर केवल ऐसे आयोजनों में ही बेचते हैं।
मेले के दौरान हिसार के सातरोड कलां निवासी किसान राजेंद्र को सुपर पावर फैन मशीन विकसित करने के लिए सम्मानित किया गया। वहीं, प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और आधुनिक तकनीकों को अपनाने वाले 42 प्रगतिशील किसानों को मुख्यमंत्री ने प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में यह भी सामने आया कि प्रदेश के किसान केमिकल मुक्त खेती की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। कई किसान प्राकृतिक तरीके से गेहूं उत्पादन कर रहे हैं, जिसकी अग्रिम बुकिंग फसल तैयार होने से पहले ही हो जाती है। महिला किसान भी अब खेती में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं—कोई मशरूम उत्पादन से लाखों-करोड़ों की आय अर्जित कर रही है तो कई अन्य महिलाओं को रोजगार भी दे रही हैं।
यह कृषि मेला किसानों के लिए नई तकनीकों, नवाचारों और आय बढ़ाने के विकल्पों को समझने का एक बड़ा मंच बनकर उभरा है।