Summer Express, राहुल चावला , धर्मशाला | जल शक्ति विभाग में कार्यरत पैरा वर्कर वेतन और पॉलिसी की कमी से लंबे समय से निराश हैं। प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में पेश किए गए बजट में इस वर्ग के वेतन में केवल 500 रुपये की नाममात्र वृद्धि की गई है, जबकि पिछले वर्ष की घोषित बढ़ोतरी का एरियर अभी तक नहीं दिया गया।
पैरा वर्कर यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष अंकुश ने बताया कि पैरा वर्कर, पैरा फीटर और मल्टीपर्पज वर्कर ईमानदारी से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन सरकार इस वर्ग को अनदेखा कर रही है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय पैरा वर्कर द्वारा किए गए कार्यों की न्यूज कटिंग डिप्टी सीएम और जल शक्ति विभाग मंत्री मुकेश अग्रिहोत्री अपने सोशल मीडिया पर साझा करते रहे, फिर भी बजट में उन्हें कोई सम्मानजनक लाभ नहीं मिला।
अंकुश ने चेतावनी दी कि पैरा वर्कर अप्रैल के पहले सप्ताह में प्रदेश भर से परिवारों सहित शिमला कूच करेंगे और विधानसभा का घेराव करेंगे। आंदोलन की राह पर जाने से पहले एक बार मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी मांगें फिर से रखी जाएंगी। यदि सरकार उनकी मांगों पर कार्रवाई करती है, तो उनका धन्यवाद किया जाएगा, अन्यथा व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा।
इस ऐलान से प्रदेश में पैरा वर्कर वर्ग की नाराजगी स्पष्ट हो गई है और सरकार पर दबाव बढ़ने की संभावना है।