Summer express,शिमला | हिमाचल प्रदेश के विभिन्न विभागों, निगमों और बोर्डों पर राज्य बिजली बोर्ड का कुल बकाया 495.76 करोड़ रुपये है। इसमें से 86.03 करोड़ रुपये पिछले तीन साल से लंबित हैं। यह जानकारी मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विधानसभा के बजट सत्र में विधायक बिक्रम सिंह के सवाल के लिखित जवाब में दी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बकाया राशि की वसूली के लिए राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड समय-समय पर नोटिस जारी कर रहा है और टीडीसीओ के माध्यम से कटौती भी की जा रही है। इसके अलावा सभी सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों के बिजली कनेक्शन को चरणबद्ध तरीके से प्री-पेड मोड में परिवर्तित किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बकाया वसूलने के लिए कोई विशेष नीति नहीं है, बल्कि संबंधित विभागों और संस्थाओं से लगातार पत्राचार और संपर्क जारी है।
लिखित जवाब में मुख्यमंत्री ने बकाया राशि का विस्तृत विवरण भी प्रस्तुत किया। जल शक्ति विभाग पर सबसे अधिक 455.91 करोड़ रुपये बकाया है। इसके अलावा एमसी/एनएसी पर 7.55 करोड़, एडमिन्स्ट्रेशन रिफॉर्म डिपार्टमेंट 0.0935 करोड़, कृषि विभाग 0.1717 करोड़, पशुपालन 0.0772 करोड़, पुरातत्व विभाग 0.0032 करोड़, आयुर्वेदा विभाग 0.0415 करोड़, बीआरओ 0.0025 करोड़, बीएसएनएल 0.0329 करोड़, को-ऑपरेटिव 0.0287 करोड़, फायर सर्विसेज 0.0047 करोड़, मत्स्य विभाग 0.0208 करोड़ सहित स्वास्थ्य और परिवार कल्याण समेत अन्य विभागों पर भी बकाया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इन बकाया राशि के मामलों को समयबद्ध तरीके से वसूलने और विभागों के वित्तीय अनुशासन को सुधारने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में बिजली बोर्ड की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहे।