Summer express,पिंजौर | पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ फोरलेन परियोजना लगातार देरी और अव्यवस्था का शिकार बनती जा रही है। बार-बार बदलती टेंडर तिथियों और अधूरे निर्माण कार्य के कारण न केवल यातायात बाधित हुआ है, बल्कि औद्योगिक गतिविधियों और आम जनता के लिए भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। अक्टूबर 2025 से अब तक टेंडर की समयसीमा में 17 बार बदलाव हो चुका है। ताजा संशोधन में 24 मार्च की अंतिम तिथि को 24 अप्रैल 2026 तक बढ़ा दिया गया है।
परियोजना का काम जल्द शुरू होना फिलहाल मुश्किल नजर आ रहा है। यह हाई-वे बीबीएन क्षेत्र की औद्योगिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन वर्तमान में बदहाल सड़कों और अधूरे निर्माण के कारण यह क्षेत्र उद्योगपतियों और यात्रियों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बन गया है। जगह-जगह खुदी और टूटी सड़कों ने यातायात व्यवस्था को बाधित किया है और क्षेत्र की छवि पर नकारात्मक प्रभाव डाला है।
उद्योगपतियों ने बताया कि वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। परियोजना अप्रैल 2022 में शुरू हुई थी और इसे सितंबर 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। निर्माण एजेंसी ने करीब 40 प्रतिशत कार्य के बाद जुलाई 2025 में काम रोक दिया। इसके बाद नया टेंडर जारी हुआ, लेकिन प्रक्रिया तारीखों के फेर में उलझी हुई है। नालागढ़ से पिंजौर का सफर, जो पहले 35-40 मिनट में पूरा होता था, अब कई बार एक से सवा घंटे तक खिंच रहा है।
केंद्र और प्रदेश सरकार से अपील
बीबीएन उद्योग संघ के अध्यक्ष वाई एस गुलेरिया ने कहा कि फोरलेन परियोजना अब विकास की गति नहीं बढ़ा रही, बल्कि लगातार टलती समयसीमा और बुनियादी ढांचे की खराब स्थिति की कहानी बन गई है। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार से इस अहम मार्ग पर ध्यान देने की अपील की है।
उद्योगों पर असर
नालागढ़ उद्योग संघ के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि सड़क की स्थिति केवल यातायात में बाधा नहीं बना रही, बल्कि निवेश माहौल पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल रही है। लगातार टलती डेडलाइन और जमीन पर प्रगति न दिखने से संकेत मिलता है कि फोरलेन योजना फिलहाल केवल फाइलों तक सीमित है।
उद्योग प्रतिनिधियों की चिंता
उद्योग प्रतिनिधियों ने कहा कि जिस क्षेत्र को प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक हब माना जाता है, वहां की मुख्य कनेक्टिविटी की यह हालत निवेशकों के लिए गलत संदेश दे रही है। टूटी सड़कों, अधूरे निर्माण, धूल और लगातार लगने वाले जाम ने क्षेत्र की छवि और औद्योगिक गतिविधियों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
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