Summer express, हिसार | हरियाणा में एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति में आई बाधा के कारण घरेलू उपभोक्ताओं की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। खासतौर पर कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित होने का सीधा असर घरेलू गैस वितरण पर पड़ रहा है। प्रदेश के कई जिलों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं, जबकि कालाबाजारी की शिकायतें भी तेजी से बढ़ी हैं।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने प्रदेशभर में ताबड़तोड़ छापेमारी अभियान शुरू किया है। विभिन्न जिलों में अवैध रूप से जमा किए गए कॉमर्शियल सिलेंडर जब्त किए जा रहे हैं। कैथल में छापेमारी के दौरान 16 सिलेंडर बरामद किए गए, जबकि करनाल के नीलोखेड़ी में 8 और जींद में 10 सिलेंडर पकड़े गए हैं। अंबाला में अब तक 117 स्थानों पर कार्रवाई कर 90 सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं।
कुरुक्षेत्र और सिरसा जैसे जिलों में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। ऑनलाइन बुकिंग के बाद भी उपभोक्ताओं को सिलेंडर मिलने में 8 से 10 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। कई जगहों पर मैसेज मिलने के बावजूद डिलीवरी नहीं हो रही। करनाल में एडवांस बुकिंग के बावजूद 20 से 25 दिन बाद सिलेंडर मिल रहा है।
फतेहाबाद में स्थिति सबसे गंभीर बताई जा रही है, जहां गैस की कालाबाजारी खुलेआम हो रही है और सिलेंडर 150 रुपये प्रति किलो तक बेचा जा रहा है। उपभोक्ताओं को घंटों लाइन में लगने के बावजूद खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इसका असर छोटे सिलेंडरों और होटल-ढाबा व्यवसाय पर भी पड़ा है।
वहीं, झज्जर और रोहतक में शहरी क्षेत्रों में दबाव अधिक है, जबकि ग्रामीण इलाकों में स्थिति कुछ हद तक सामान्य बताई जा रही है। यमुनानगर, भिवानी और अंबाला में भी एजेंसियों पर भीड़ बनी हुई है और होम डिलीवरी में देरी हो रही है।
सरकार ने हालात को देखते हुए गैस की होम डिलीवरी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद उपभोक्ताओं को राहत कब मिलेगी, यह अब भी बड़ा सवाल बना हुआ है।