Summer express,शिमला। हिमाचल प्रदेश और हरियाणा की सीमा पर एंट्री टैक्स (प्रवेश शुल्क) को लेकर सोमवार सुबह बड़ा विवाद देखने को मिला, जिसका सीधा असर हिमाचल के औद्योगिक क्षेत्रों और आम जनजीवन पर पड़ा। बरोटीवाला बैरियर पर प्रदर्शन के चलते आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई, जिससे हिमाचल में प्रवेश करने वाले वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार द्वारा लागू एंट्री टैक्स के विरोध में हरियाणा की ओर से प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने बरोटीवाला बैरियर को बंद कर दिया, जिससे हिमाचल की सीमा में प्रवेश और बाहर निकलने वाले वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। इस स्थिति का सबसे अधिक असर बरोटीवाला-नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्र पर पड़ा, जहां सैकड़ों उद्योग संचालित होते हैं।
औद्योगिक क्षेत्र में सुबह की शिफ्ट समय पर शुरू नहीं हो सकी, क्योंकि कर्मचारियों और फैक्ट्री बसों को सीमा पर ही रोक दिया गया। इससे न केवल उत्पादन प्रभावित हुआ, बल्कि उद्योगों को आर्थिक नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है। इसके अलावा, आम लोगों, कर्मचारियों और अधिकारियों को भी आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
हिमाचल की ओर से सीमा पर तैनात प्रशासन और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों द्वारा प्रदर्शनकारियों को समझाने और मार्ग खुलवाने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि जल्द से जल्द यातायात सामान्य हो सके और औद्योगिक गतिविधियां पुनः सुचारु रूप से शुरू हो सकें।
स्थानीय लोगों और उद्योग जगत का कहना है कि लंबे समय तक यह स्थिति बनी रही तो इसका सीधा असर उत्पादन, रोजगार और राज्य की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। प्रशासन उम्मीद जता रहा है कि बातचीत के जरिए जल्द समाधान निकल आएगा और सीमा पर सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी।