Summer Express,फरीदाबाद। कुरुक्षेत्र के पूर्व सांसद और लोकतंत्र सुरक्षा मंच के संरक्षक राजकुमार सैनी एक बार फिर अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। फरीदाबाद के एक होटल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने धार्मिक मान्यताओं और रामायण को लेकर ऐसी टिप्पणी की, जिससे सियासी और धार्मिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है।
सम्राट अशोक जयंती कार्यक्रम के लिए निमंत्रण लेने पहुंचे सैनी ने समाज के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें काल्पनिक कहानियों में उलझाकर रखा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक कथाएं और प्रवचन लोगों को वास्तविक मुद्दों से भटकाते हैं और उन्हें मानसिक रूप से प्रभावित करते हैं। सैनी ने यह भी दावा किया कि कथावाचक कथाओं के लिए भारी शुल्क लेते हैं, जबकि उनका वास्तविक जीवन से कोई सीधा संबंध नहीं है।
रामायण पर टिप्पणी करते हुए राजकुमार सैनी ने इसे पूर्णतः काल्पनिक बताया और कहा कि 10 सिर वाले रावण का कोई ऐतिहासिक अस्तित्व नहीं था। अपने दावे के समर्थन में उन्होंने पेरियार ई.वी. रामासामी और ललई सिंह यादव की पुस्तकों का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस विषय से जुड़े कुछ कानूनी पहलुओं का भी हवाला मिलता है।
पूर्व सांसद ने समाज से अपील करते हुए कहा कि लोग धार्मिक कथाओं के बजाय सम्राट अशोक, गौतम बुद्ध, ज्योतिबा फुले और डॉ. भीमराव अंबेडकर जैसे महापुरुषों के विचारों और जीवन से प्रेरणा लें। उनका कहना था कि जब तक लोग अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं होंगे, तब तक सामाजिक और आर्थिक स्तर पर भेदभाव बना रहेगा।
इसके अलावा सैनी ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपनी राय रखी और ईरान-इजरायल तनाव का जिक्र करते हुए वैश्विक परिस्थितियों पर टिप्पणी की। उन्होंने बढ़ती महंगाई और गैस की समस्या को लेकर सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए।
गौरतलब है कि राजकुमार सैनी पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं, और उनके कई बयान राजनीतिक एवं सामाजिक बहस का कारण बन चुके हैं।