Summer express,राहुल चावला , धर्मशाला | धर्मशाला स्थित गर्ल्स स्कूल को बॉयज स्कूल में मर्ज करने के सरकार के फैसले के खिलाफ छात्राओं और अभिभावकों का विरोध तेज होता जा रहा है। मंगलवार को वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद छात्राएं सड़कों पर उतर आईं और सरकार के इस निर्णय के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
छात्राओं ने सरकार से इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने नारेबाजी करते हुए कहा कि गर्ल्स स्कूल उनके लिए केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि सुरक्षा और भरोसे का प्रतीक है। “गर्ल्स स्कूल हमारा है, जान से भी प्यारा है” जैसे नारों के साथ छात्राओं ने अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन में शामिल अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों ने भी सरकार के निर्णय पर नाराजगी जताई। अभिभावकों का कहना है कि गर्ल्स स्कूल में छात्राओं को सुरक्षित और सहज वातावरण मिलता है, जो बॉयज स्कूल में संभव नहीं है। इसलिए इस निर्णय को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
छात्राओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे बॉयज स्कूल में पढ़ाई करने के लिए तैयार नहीं हैं और अपने स्कूल के अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार द्वारा गर्ल्स स्कूल धर्मशाला को मर्ज करने की अधिसूचना जारी किए जाने के बाद से ही क्षेत्र में अभिभावकों, छात्राओं और स्थानीय लोगों में आक्रोश बना हुआ है।