मंडी ,धर्मवीर-:हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सिया हत्याकांड को लेकर प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि घटना को चार दिन बीत जाने के बावजूद सरकार अब तक केवल जांच तक ही सीमित है, जबकि ऐसे संवेदनशील मामलों में त्वरित और कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता होती है।
जयराम ठाकुर आज दिवंगत सिया के घर पहुंचे, जहां उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान उन्होंने परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन भी दिया। उन्होंने घटना स्थल का भी दौरा किया और वहां की स्थिति का जायजा लिया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य घटना नहीं है, बल्कि समाज को झकझोर देने वाला अपराध है, जिसके प्रति सरकार को सख्त रुख अपनाना चाहिए।उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में यदि समय पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तो इससे लोगों का कानून व्यवस्था पर से विश्वास कमजोर होता है। सरकार को चाहिए कि दोषियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई कर एक उदाहरण पेश करे, ताकि भविष्य में इस तरह के अपराध करने वालों में डर पैदा हो।
जयराम ठाकुर ने यह भी बताया कि सिया का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और उसके माता-पिता की तबीयत भी ठीक नहीं रहती। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे आगे आकर इस परिवार की मदद करें और उन्हें इस कठिन समय में सहारा दें।इस घटना के बाद क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। खासकर स्कूल और कॉलेज जाने वाले बच्चों में डर साफ देखा जा रहा है। कई छात्र-छात्राएं अब अकेले जाने से हिचकिचा रहे हैं और अभिभावक उन्हें स्वयं छोड़ने और लाने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने क्षेत्र में बस सेवाएं भी बंद कर दी हैं, जिससे लोगों को और अधिक परेशानी हो रही है। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द बस सेवाएं बहाल करने की मांग की।
इसके अलावा, उन्होंने सोशल मीडिया पर एक अन्य युवती को दी गई धमकी की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि इस तरह की मानसिकता रखने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। जानकारी के अनुसार, मंडी की एक युवती ने जब सिया हत्याकांड पर अपनी प्रतिक्रिया दी, तो एक व्यक्ति ने उसे भी वैसा ही हश्र भुगतने की धमकी दी। हालांकि बाद में आरोपी ने माफी मांग ली, लेकिन जयराम ठाकुर का कहना है कि इस तरह की घटनाओं को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।उन्होंने पुलिस और प्रशासन से अपील की कि ऐसे मामलों में सख्ती बरती जाए और दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जाए, ताकि समाज में सुरक्षा और विश्वास का माहौल कायम हो सके।