शिमला, संजू-:महिला आरक्षण के मुद्दे पर देश की राजनीति एक बार फिर तेज हो गई है। शिमला में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुलदीप राठौर ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया संबोधन पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण जैसे गंभीर विषय को चुनावी फायदे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
राठौर ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन किसी ठोस नीति या निर्णय की घोषणा के बजाय विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस, की आलोचना तक सीमित रहा। उनका कहना है कि करीब आधे घंटे के भाषण में सरकार ने महिला आरक्षण को लेकर स्पष्ट रोडमैप देने के बजाय इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश की। उन्होंने यह भी कहा कि देश की जनता इस मुद्दे पर ठोस पहल की अपेक्षा कर रही थी, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी।कांग्रेस प्रवक्ता ने याद दिलाया कि महिला आरक्षण विधेयक संसद से पारित हो चुका है और राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल चुकी है। इसके बावजूद भाजपा इसे चुनावी एजेंडे के रूप में पेश कर रही है। उन्होंने परिसीमन और जनगणना को इस प्रक्रिया से जोड़ने के फैसले पर भी सवाल उठाए और कहा कि 2011 की जनगणना के आधार पर इस तरह का निर्णय लेना तार्किक नहीं है।
राठौर ने भाजपा पर यह आरोप भी लगाया कि पार्टी सुनियोजित रणनीति के तहत इस मुद्दे को उछाल रही है, ताकि विपक्ष को महिला विरोधी के रूप में प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक अधिकार देने में कांग्रेस का लंबा इतिहास रहा है, जिसमें पंचायती राज संस्थाओं में आरक्षण जैसे अहम कदम शामिल हैं।अंत में राठौर ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएगी और भाजपा की नीतियों व मंशा को उजागर करेगी।