Summer express, कैथल | कैथल की अतिरिक्त अनाज मंडी में गेहूं के उठान में देरी से नाराज मजदूरों और पल्लेदारों का आक्रोश फूट पड़ा। काम न मिलने से परेशान सैकड़ों मजदूरों ने जींद–कैथल मार्ग पर पेड़ों की टहनियां रखकर जाम लगा दिया। मजदूरों का कहना है कि मंडी में गेहूं का भारी स्टॉक जमा है, लेकिन उठान की धीमी रफ्तार के कारण उन्हें लगातार बेरोजगारी झेलनी पड़ रही है।
मजदूरों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि वे पिछले कई दिनों से रोजाना काम की उम्मीद में मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। उनका कहना है कि सुबह घर से इस उम्मीद में निकलते हैं कि दिहाड़ी मिलेगी, लेकिन शाम को निराश होकर लौटना पड़ता है। कई मजदूरों ने यह भी बताया कि काम न मिलने से घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है और आने-जाने का किराया भी अपनी जेब से लगाना पड़ रहा है।
मजदूरों ने मंडी प्रशासन और ठेकेदारों पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि मंडी में लाखों गेहूं के बैग और खुली फसल पड़ी है, लेकिन उठान की प्रक्रिया बेहद धीमी है। मजदूरों के अनुसार, जहां रोजाना बड़े पैमाने पर उठान होना चाहिए, वहां बेहद कम मात्रा में ही माल बाहर निकल रहा है, जिससे काम प्रभावित हो रहा है।
सड़क जाम की सूचना मिलते ही पुलिस और DFSC की टीम मौके पर पहुंची और मजदूरों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद करीब आधे घंटे बाद जाम खोल दिया गया और यातायात सामान्य हो गया।
अधिकारियों ने बताया कि वाहनों के रजिस्ट्रेशन संबंधी प्रक्रिया के कारण उठान में कुछ देरी हुई है, जिसे जल्द दुरुस्त कर लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उठान कार्य में तेजी लाई जाएगी ताकि मजदूरों को नियमित रोजगार मिल सके।