मंडी, धर्मवीर -धर्मपुर क्षेत्र में बंद पड़ी सड़क को लेकर राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया, जब क्षेत्र के पूर्व मंत्री के बेटे और पूर्व प्रत्याशी रजत ठाकुर अपने समर्थकों के साथ लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के एक्सईएन कार्यालय पहुंच गए। इस दौरान कार्यालय में तनावपूर्ण स्थिति बन गई और माहौल कुछ देर के लिए पूरी तरह से अशांत हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रजत ठाकुर ने अधिकारियों को सीधे तौर पर घेरते हुए बंद सड़क के मुद्दे पर तीखी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने एक्सईएन अंशुमन सोनी पर आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी केवल दफ्तरों में बैठकर औपचारिकताएं पूरी कर रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि अधिकारी एसी कमरों में बैठने के बजाय फील्ड में जाकर काम करें और जनता की समस्याओं का समाधान करें।रजत ठाकुर ने अधिकारियों से सड़कों की स्थिति और अब तक किए गए कार्यों का पूरा ब्योरा मांगा, लेकिन उनका गुस्सा इस कदर बढ़ गया कि उन्होंने अधिकारियों की सफाई सुनने में भी ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उसी दिन शाम पांच बजे तक सड़क को चालू नहीं किया गया, तो इसके लिए विभागीय अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
इस दौरान एक्सईएन अंशुमन सोनी ने स्थिति को शांत करने की कोशिश करते हुए कहा कि विभाग सभी प्रक्रियाओं का पालन कर रहा है और यदि चाहें तो पूरे मामले की जांच भी करवाई जा सकती है। उन्होंने संयमित भाषा में बात करने की अपील की, लेकिन रजत ठाकुर का आक्रोश कम नहीं हुआ और उन्होंने कड़े लहजे में अपनी नाराजगी जारी रखी।घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसे रजत ठाकुर ने स्वयं सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो में वह अधिकारियों को फटकार लगाते और सवाल उठाते नजर आ रहे हैं। इस घटना ने क्षेत्र में राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
रजत ठाकुर ने आरोप लगाया कि कैंची मोड़ मघोघरी में हाल ही में गिरा डंगा पीडब्ल्यूडी की लापरवाही का नतीजा है। उनका कहना है कि लंबे समय से वहां खुदाई का कार्य चल रहा था और अधिकारी नियमित रूप से उस स्थान का दौरा भी कर रहे थे, बावजूद इसके सुरक्षा उपायों की अनदेखी की गई।उन्होंने ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों पर मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जनता के पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है। उनके अनुसार, बड़े ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए योजनाओं में हेरफेर किया जाता है और भुगतान में भी अनियमितताएं हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई अधिकारी ठेकेदारों के साथ अनुचित संबंध रखते हैं।
वहीं, पीडब्ल्यूडी के अधिशाषी अभियंता अंशुमन सोनी ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि डंगा गिरने के मामले में जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और विभाग पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सड़क को जल्द से जल्द बहाल करने के प्रयास जारी हैं।इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और राजनीतिक हस्तक्षेप पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।