Summer express /धर्मशाला, राहुल -:धर्मशाला ,राहुल चावला —तिब्बती निर्वासित संसद के 18वें चुनाव का दूसरा और अंतिम चरण रविवार सुबह 9 बजे शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुआ। इस महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया में दुनिया के 27 देशों में बसे तिब्बती समुदाय के मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी राजनीतिक भागीदारी दर्ज कराई।
तिब्बती सरकार-इन-एक्साइल के मुख्यालय धर्मशाला में मतदान को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें लगी रहीं, जहां लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए धैर्यपूर्वक इंतजार करते नजर आए। समुदाय के सदस्यों ने इसे अपनी पहचान और संघर्ष से जुड़ा अहम अवसर बताया।निर्वासित तिब्बतियों का कहना है कि यह चुनाव चीन को एक स्पष्ट संदेश देता है कि वे तिब्बत के मुद्दे पर अब भी दृढ़ हैं और उनका लोकतांत्रिक संघर्ष जारी है।सेंट्रल तिब्बतन एडमिनिस्ट्रेशन (CTA) के मुख्य चुनाव आयुक्त लोबसांग येशी ने जानकारी दी कि चुनावों के सुचारु संचालन के लिए 27 देशों में 58 क्षेत्रीय चुनाव आयुक्त नियुक्त किए गए थे। उन्होंने बताया कि इस बार करीब 91 हजार मतदाता पंजीकृत हुए हैं।चीन द्वारा चुनावों का विरोध किए जाने पर उन्होंने कहा कि भले ही चीन इन्हें अवैध बताने की कोशिश करता है, लेकिन तिब्बती समुदाय अपनी निर्वासित सरकार को ही वैध मानता है और लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखे हुए है।